क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला मुख्यालय पर कुछ अराजनैतिक संगठनों द्वारा दिए जा रहे ज्ञापनों पूर्व सांसद एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह ने कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि हरदुआगंज थाने के पुलिस एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सीबीआई एवं न्यायिक जांच की तत्काल संस्तुति करें। जिससे देश प्रदेश का भ्रम और जनता का भयव्याप्त माहौल दूर हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि एनकाउंटर सही है तो सीबीआई और न्यायिक जांच में संकोच क्यों..? क्योंकि आज जनता में इस एनकाउंटर पर बहुत से सवाल पैदा हो रहे हैं जो लोकतंत्र के लिए घातक हैं। क्योंकि एनकाउंटर में मृतक नौशाद और मुस्तकीम पर पांच दिन में कैसे लगे।
सिंह ने कहा कि बड़े दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ अराजनैतिक बिना आधार के संगठन उनके पुतले फुं कवाकर जनता के ध्यान को भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जिकरपुर कांड में निर्दोष मरे हिंदू, मुस्लिम, ब्राह्मण, दलित किसानों की लड़ाई लड़ी थी। चंडौस के जहराना गाँव में अत्याचारों के खिलाफ खुला संघर्ष किया था।
ऊपरकोट पर पुलिस की गोली से 7 लोगों की हत्या हुई तब गृह मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को लाकर प्रशासन के खिलाफ कार्यवाही करायी थी, जिसमें पूरा जिला प्रशासन निलंबित हुआ था। सुलेमान हॉल पर गोली चली तो भारत सरकार के गृहमंत्री राजेश पायलट और राज्यपाल को लाकर छात्रों को न्याय दिलाया था। अभी कुछ दिन पूर्व रेलवे रोड पर पंचर लगाने वाले दो निर्दोषों की हत्या हुई तब भी में सच्चाई से पीछे नहीं हटा था।
सिंह ने कहा कि वो खुली चुनौती देना चाहता हैं कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ आज तक जनपद से लेकर देश के किसी थाने और तहसील में 151 का भी अपराध रिकॉर्ड हो और मेरे 34 साल के टेलीफ ोनों में मोबाइल फ ोनों में किसी अपराधी का एक कॉल का भी रिकॉर्ड हो तो जाँच कर लें दोषी हुआ तो राजनीति से संयास ले लूंगा।
यहां पर ठा. संतोष सिंह जादौन, गिरिवर शर्मा, कुंवर गौरांगदेव चौहान, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह एवं समाजवादी पार्टी के अरविंद चौधरी, नितिन वाल्मीकि आदि लोग शामिल रहे।