न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नौ जुलाई की रात से रोडवेज बसों के चक्का जाम के फैसले पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेताओं को मनाने में परिवहन विभाग के अधिकारी भले ही सफल हो गए हों, लेकिन यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन अभी भी चक्का जाम के फैसले पर अड़ी हुई है। यूनियन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने सात जुलाई को संगठन की लखनऊ में आपातकालीन बैठक भी बुलाई है। इस बैठक में चक्का जाम की रणनीति बनाई जाएगी।
रोडवेज कर्मचारियों को सातवां वेतनमान, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, मृत आश्रितों को नौकरी देने समेत 17 मांगों को लेकर यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने 12 मार्च 2018 को ज्ञापन देकर 11 अप्रैल को हड़ताल की चेतावनी दी थी।
इस पर आठ अप्रैल को तत्कालीन प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला समेत अन्य अधिकारियों ने यूनियन नेताओं को 10 दिन में सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई मांग पूरी नहीं हुई। परिवहन अधिकारियों की वादाखिलाफी पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पांच जुलाई की रात को तथा यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने नौ जुलाई की रात से चक्का जाम का एलान कर दिया।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद को नए परिवहन सचिव अनूप कुमार पांडेय ने मना लिया, लेकिन यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन अभी भी अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री हरीश बाबू ने बताया कि सात जुलाई को संगठन की मुख्यालय पर आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में चक्काजाम की रणनीति बनाई जाएगी।