न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मंगलवार को होने वाले सवर्णों के भारत बंद के दौरान कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। डीएम ने इस दौरान होने वाले सभी कार्यक्रमों की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए एसडीएम की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। उन्हें हिदायत दी है कि यदि अव्यवस्था फैली या शांति भंग हुई तो वे जिम्मेदार होंगे। यही नहीं अंबेडकर जयंती के मद्देनजर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सभी अंबेडकर मूर्तियों की सुरक्षा के लिए एसडीएम, सीओ एवं मजिस्ट्रेट की ड्यूटी तय कर दी गई है।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय के साथ अफसरों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि भारत बंद के दौरान बगैर अनुमति किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति किसी भी दशा में नहीं दी जाए। प्रत्येक घटना पर सतर्क नजरें रखें और मौके पर पहुंचकर जायजा लें।
अप्रिय स्थिति पाए जाने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी जाए। 14 अप्रैल को पड़ने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे जिसके तहत गैर सरकारी संगठनों व संस्थाओं को जिला प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होगा। एडीएम सिटी ने बताया कि कोई भी संगठन आंबेडकर जयंती पर पोस्टर बैनर तो लगा सकता है, लेकिन उसमें लिखी भाषा निर्विवाद हो। भाषण में ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए।
डीएम ने कहा कि शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा करने भी जिम्मेदारी समस्त उप जिलाधिकारियों की होगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा के लिए ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपते हुए ग्राम में स्थित ग्राम सचिव, लेखपाल, सींचपाल, सफाईकर्मी आदि की भी आज ही तैनाती कर दी जाए।
इस अवसर पर एसएसपी ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जहां-जहां महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित हैं वहां पर पुलिस जवानों की तैनाती कर दी जाए। किसी भी सूरत में कोई भी अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए शरारती तत्वों के साथ कड़ाई से निपटा जाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में अफसर मौजूद थे।