न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने पांच दिनों में यूपी बोर्ड के 10 लाख परीक्षार्थियों की परीक्षा छोड़े जाने को समूचे शिक्षा तंत्र की बड़ी त्रासदी बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकारें अपने स्कूलों में सीबीएसई स्कूलों में संचालित शिक्षा के पैटर्न को लागू करने का दिवास्वप्न तो देखती रही है, लेकिन अपने स्कूलों व उनके विद्यार्थियों के हालातों की तुलना में सीबीएसई स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों की आर्थिक स्थिति, उनके अभिभावकों की सतत जागरूकता, अभिभावक-शिक्षक बैठक के माध्यम से अपने बच्चों की वास्तविक स्थिति की जानकारी आदि कारकों को सदैव नजरअंदाज किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि कमजोर तबके के बच्चों को कक्षा आठ तक मातृभाषा, गणित का सम्यक ज्ञान बच्चों को दिलवाए जाने के लिए सरकार युद्घस्तर पर प्रयास करे।