न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बेटी को विदा करने की तकलीफ माता-पिता से ज्यादा कौन समझ सकता है, लेकिन जब यही बेटी दुनिया देखने से पहले ही गर्भ में मार दी जाती है, तब उस मां को कितनी तकलीफ होती होगी? इस दर्द को समझने के बाद ही ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया गया है।
इसी नारे को अलीगढ़ के भदेशी माफी के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश राजौरिया ने अपनी बेटी के विवाह निमंत्रण पत्र पर छपवाया है।
बकौल ओम प्रकाश राजौरिया, ‘मैंने कोई अनूठा काम नहीं किया है, बल्कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ मुहिम को थोड़ा आगे बढ़ाया है। बेटी के निमंत्रण पत्र के जरिये लोगों को जागरूक करने का मकसद है, जो भ्रूण हत्या का पाप करते हैं, उनके लिए यह नसीहत है’।
उन्होंने कहा कि निमंत्रण पत्र के लिफाफे पर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ छपवाया है। पूर्व प्रधान की इस मुहिम को खूब सराहा जा रहा है। उनकी यह सकारात्मक पहल ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।