फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मडराक पीएचसी में बंट रही थी एक्सपायरी डेट की दवाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


सरकारी अस्पतालों में लोग इस विश्वास से जाते हैं कि वहां उन्हें भले ही निजी अस्पतालों की तरह सुविधाएं न मिलें, लेकिन दवाएं जरूर बेहतर क्वालिटी की मिलेंगी, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है।

इसकी पोल तब खुली जब मडराक थाना दिवस में समीक्षा को गए कमिश्नर अलीगढ़ मंडल ने अचानक मडराक पीएचसी का दौरा किया। इस दौरान उन्हें न केवल जनवरी में एक्सपायर हुई कुछ दवाएं मिलीं, बल्कि अधिकांश ऐसी भी दवाएं मिली जो फरवरी माह में एक्सपायर होने जा रही थी। जानकारी मिली कि यह दवाएं लोधा पीएचसी से सप्लाई हुई थीं।
विज्ञापन


गुस्साए कमिश्नर ने एडी हेल्थ को मौके पर बुलाकर जमकर फटकार लगाई। यह भी पता चला कि इस पीएचसी का पिछले छह माह से किसी भी सक्षम अफसर ने निरीक्षण तक नहीं किया है।

उन्होंने एडी हेल्थ को एक सप्ताह के अंदर सभी सीएचसी एवं पीएचसी में उपलब्ध दवाओं की जांच के आदेश किए। एक्सपायरी डेट की दवाओं के मामले में जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई को कहा।

कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने स्वीकार किया कि मडराक पीएचसी में कुछ दवाएं जनवरी में एक्सपायर हुई रखी मिलीं तो अधिकांश फरवरी में एक्सपायरी डेट वाली मिली। इस मामले में जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

भवन भी मिला जर्जर, होगी जांच
निरीक्षण के दौरान पीएचसी का मात्र दस साल पहले बना हुआ भवन भी जर्जर मिला। परिसर में बने एक आवास की तो छत तक गिरी पाई गई। नाराज कमिश्नर ने संबंधित कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई के आदेश किए।
विज्ञापन


मात्र एक चिकित्सक के सहारे चल रही थी पीएचसी
पूछताछ में पता चला कि इस पीएचसी पर मात्र एक चिकित्सक तैनात है। रात के समय मात्र एक वार्ड ब्वाय और एक चपरासी ही यहां रहता है। स्टाफ की भी कमी मिली। इस पर कमिश्नर ने आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें