सलाहकार समिति की बैठक में बैंकों का फर्जीवाड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों को ऋण देकर स्व रोजगार के लिए प्रेरित करने के बजाय बैंक अपनी कमियों को छिपाकर अपनी जिम्मेदारियाें से बचने की कोशिश ज्यादा कर रहे हैं। जिला सलाहकार समिति की मंगलवार को हुई बैठक में बैंक अफसरों का कमोबेश ऐसा ही रुख देखने को मिला। कुछ अफसर वार्षिक के बजाय तीन माह के आंकड़े ले आए तो कुछ ने फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश की।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सलाहकार समिति की मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में विशेष रूप से आये भारतीय रिजर्व बैंक लखनऊ के प्रतिनिधि के रूप में एजीएम आरके पांडेय और संस्थागत वित्त के प्रतिनिधि के रूप में संजय सिंह ने राजकीय योजनाओं के आंकड़ों वाली पुस्तिका देखी।
पता चला कि कुछ बैंकों ने वार्षिक आंकड़ों की बजाय त्रैमासिक आंकड़े अंकित किये हैं, जो नियमानुसार गलत है। सितंबर 2017 की प्रगति रिपोर्ट में यूनाइटेड बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, विजया बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, आंध्रा बैंक एवं इंग वैश्य बैंक आदि बैंकों की लचर प्रगति देखकर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। सीडी रेशियो के चार्ट को देखकर आरबीआई लखनऊ के प्रतिनिधि पांडेय ने बताया कि इसमें कुछ बैंकों के आंकड़े गलत हैं।
सीडीओ ने बैंकों के घटिया स्तर के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसे ठीक करने के लिए 21 दिसंबर को विकास भवन सभागार में एक बैठक कर कार्य की समीक्षा की जाएगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उप घटक स्वरोजगार योजना की प्रगति के दौरान डूडा के परियोजना अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। सीडीओ ने संभाव्यतायुक्त ऋण योजना, पीएलसीपी वर्ष 2018-19 पुस्तक का विमोचन किया।
आरबीआई के अधिकारी ने बताया कि अब सभी बैंक आवश्यक रूप से इस पुस्तक में वर्णित दिशा निर्देशों के अनुरूप अपना डाटा अंकित करेंगे। अंत में पहुंचे डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने बैंक अधिकारियों से कहा कि अंत्योदय योजना से संबंधित सभी शासकीय योजनाओं को वरीयता देते हुए कार्यप्रणाली अपनाई जाए, ताकि अंत्योदय योजना के अंतर्गत गरीब व्यक्तियों की आमदनी दोगुनी तथा किसान की आय चौगुनी किये जाने के कार्य को अमलीजामा पहनाया जा सके। इस मौके पर एलडीएम आनंद गर्ग समेत सभी राष्ट्रीयकृत और प्राइवेट सेक्टर के बैंक अफसर मौजूद थे।