छात्रों का एलान: अब आमरण अनशन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
यूजीसी के नियमों के तहत पूरी हुई पीएचडी दाखिले की प्रक्रिया में अब उन्हीं नियमों के अनुसार सीटें पूरी करने की मांग को लेकर अड़े एएमयू छात्रों का धरना 19वें दिन भी जारी रहा। रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने धरने पर बैठे छात्रों का नेतृत्व अब्दुल कबीर ने किया।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के नियमों के अनुसार जब दाखिला प्रक्रिया पूरी हुई है तो उन्हीं नियमों के अनुसार सीटें भी बढ़ाई जाए। जिसके तहत एक प्रोफेसर के साथ आठ, एसोसिएट प्रोफेसर के साथ छह और असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ चार विद्यार्थियों को एक शैक्षणिक सत्र में पीएचडी कराई जानी चाहिए, लेकिन इससे उल्ट विवि ने इन सीटों में कमी कर दी है। जिससे पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पास करने वाले अब भ्रम की स्थिति में है कि उनकी पीएचडी कैसे पूरी होगी..? इंतजामिया यूजीसी के नियमों के विरुद्ध कैसे जा सकता है..? छात्रों ने तय किया कि अगर एक दो दिन में विवि ने इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की तो जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर आमरण अनशन का एलान कर दिया जाएगा। जब तक नियमानुसार पीएचडी में सीटें पूरी नहीं होंगी, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
छात्राएं भी दिन की क्रमिक भूख हड़ताल से आगे बढ़कर आमरण अनशन में शामिल होंगी। इस दौरान इंतजामिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के नारे लगते रहे। छात्र छात्राओं में इस मांग के पूरा नहीं होने पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्र संघ चुनाव में भी ये मुद्दा अब जोर पकड़ता जा रहा है। वहीं विवि इंतजामिया के सदस्य दिन भर धरने की टोह लेते रहे कि कहीं किसी छात्र छात्रा की तबियत न बिगड़ जाए। अभी ये धरना क्रमिक भूख हड़ताल के साथ जारी है। जिसमें चार छात्र और चार छात्राएं शामिल हैं।
इधर, क्रमिक भूख हड़ताल के प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से बीमार हुए छात्र कुंवर मोहम्मद को देखने के लिए विवि के कुलपति के ओएसडी असफर खान, इंजीनियर हाफिज इलियास, इंजी मो. नसीम जेएन मेडिकल कालेज पहुंचे। वहां अफसरों ने कुंवर मोहम्मद का हाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की जायज मांगों पर विवि इंतजामिया गंभीर है। जल्द ही इसका फैसला होगा।
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