अगवा टैक्सी चालक की तलाश में जुटी दो राज्यों की पुलिस
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के कंपनी बाग से नैनीताल बुकिंग पर ले जाई गई टैक्सी (स्विफ्ट डिजायर) के ड्राइवर को कार लूट के बाद नैनीताल के पहाड़ी इलाके में बेहोश कर फेंक दिया गया। इसके बाद कार को मुरादाबाद के कबाड़ बाजार में बेचते समय दोनों लुटेरों को वहां की पुलिस ने दबोच लिया।
बदमाशों से मिली जानकारी के बाद पहाड़ी इलाके में कार चालक की तलाश की गई। मगर उसका सुराग नहीं मिला। अब उत्तराखंड की नैनीताल, यूपी की मुरादाबाद और अलीगढ़ पुलिस चालक की तलाश में जुटी हैं। मगर अभी कोई सुराग नहीं लगा है। गांधीपार्क पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर अपने यहां अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं परिजन इस मामले में ड्राइवर की हत्या का अंदेशा जता रहे हैं।
वाकया इस तरह है कि गांधीपार्क के कंपनी बाग चौराहे पर ट्रैवल एजेंसी संचालक प्रमोद कुमार बुकिंग पर कार देते हैं। उनकी स्विफ्ट डिजायर नंबर यूपी 81 बीसी 8073 पर वसीम पुत्र शौकत निवासी सराय हकीम नई आबादी बन्नादेवी ड्राइवर हैं। आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम छह बजे वसीम निवासी ईशापुर थाना बिलारी व मुकेश निवासी गुलाबबाड़ी कटघर ने नैनीताल घूमने जाने के लिए स्विफ्ट कार बुकिंग पर ली।
कार लेकर वहां से चालक वसीम निकला, जिसमें दोनों युवक सवार थे। आरोप है कि दोनों युवकों ने उत्तराखंड के नैनीताल जिला स्थित कालाढुंगी के पहाड़ी इलाके में कार चालक वसीम की लाठी-डंडों से पिटाई की और उससे कार लूट ली।
इसके बाद दोनों आरोपी कार लेकर बेचने मझोला मुरादाबाद जा रहे थे, इसी बीच मझोला पुलिस को सूचना मिली कि एक कार कबाड़ में बिक रही है। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। मझोला पुलिस शुक्रवार शाम कालाढूंगी पहुंची। उन्होंने आरोपियों की निशानदेही पर कांबिंग की लेकिन, चालक वसीम नहीं मिला। चालक की तलाश में कालाढूंगी पुलिस की नैनीताल रोड के जंगलों में कांबिंग जारी है। इधर, मुरादाबाद से सूचना मिलने पर कार स्वामी प्रमोद मुरादाबाद पहुंचा और वहां कार की पहचान कर ली। कार स्वामी व मुरादाबाद पुलिस की सूचना पर गांधीपार्क पुलिस ने वसीम के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर गांधीपार्क रविंद्र सिंह के अनुसार वह मुरादाबाद में पकड़े गए दोनों बदमाशों को रिमांड पर लेकर आएंगे। वहीं नैनीताल पुलिस की मदद से वसीम की तलाश कराई जा रही है।
चार भाइयों में सबसे बड़ा है वसीम
चालक वसीम के परिजनों ने बताया कि पिता की मौत के बाद वसीम ही परिवार को संभाले हुए है। चार भाई व एक बहन में वह सबसे बड़ा है। गुरुवार को उसके जाने के बाद से और शुक्रवार सुबह से फोन न लगने के कारण परिजन परेशान थे। शुक्रवार शाम को ही परिजनों ने प्रमोद को इस संबंध में बताया था। तब तक इस तरह की सूचना नहीं आई थी। मगर उस समय प्रमोद ने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। शनिवार को सूचना मिलने के वे थाने गए थे। शनिवार को पुलिस ने तहरीर नहीं ली, लेकिन रविवार को ले ली है।