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6500 किसानों को बांटे ऋण मोचन पत्र

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6500 किसानों को बांटे ऋण मोचन पत्र
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

किसान ऋण मोचन योजना में एक लाख तक के फसली ऋण लेने वाले लघु एवं सीमांत किसानों को कर्ज माफी पत्र देने के लिए शुक्रवार को नुमाइश मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पहले चरण में चयनित कोल तहसील के 6500 किसानों को पत्र बांटे गए। जिले के प्रभारी मंत्री एवं गन्ना विकास एवं चीनी मिल औद्योगिक विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार संकल्प पत्र के अनुसार अपना वायदा पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि गत सरकारों ने किसानों की भलाई के कुछ नहीं किया। वर्तमान सरकार द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के उन्नयन के लिये फसल ऋण मोचन योजना लाई गई। जिसमें 86 लाख कृषक लाभान्वित होंगे, इसमें कुल 36 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे। अलीगढ़ में प्रथम चरण में 28 हजार से अधिक किसानों का 210 करोड़ रुपयेे का कर्ज माफ होगा। इस योजना में अलीगढ़ का प्रदेश में छठा स्थान है। अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त सुभाष चंद शर्मा ने कहा कि नुमाइश मैदान में 6500 किसानों का लगभग 52 करोड़ रुपये कर्ज माफी के प्रमाण पत्र दिये गये हैं। प्रथम चरण में कुल 28481 पात्र किसानों को लाभ मिल रहा है। शेष प्रमाण पत्रों का वितरण तहसील मुख्यालयों पर होगा। जनपद में लगभग 1.28 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। जिसमें लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इस अवसर पर सांसद सतीश गौतम, विधायक शहर संजीव राजा, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक खैर अनूप वाल्मीकि, विधायक इगलास राजवीर दिलेर, विधायक छर्रा रवेंद्र पाल सिंह, विधायक बरौली ठा. दलवीर सिंह, जिलाधिकारी हृषिकेश भास्कर याशोद, सीडीओ दिनेश चंद्र, एडीएम सिटी एसबी सिंह, एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा, एडीएम वित्त बच्चू सिंह आदि के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

नाम-पता गलत, वंचित रह गए किसान
कार्यक्रम में आए करीब पांच किसान प्रमाणपत्र से वंचित रह गए। दरअसल किसी के पिता का नाम गलत था, तो किसी का पता सरकारी रिकार्ड से मैच नहीं किया।

दिव्यांग प्रभारी मंत्री से मिलने पर अड़ा
कार्यक्रम में गांधी नगर शैली पब्लिक स्कूल के पास निवासी दिव्यांग अमरदीप गुप्ता ने मंच के सामने पहुंचकर प्रभारी मंत्री से मिलने एवं ज्ञापन देने की जिद पकड़ ली। वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि मैं दिव्यांग हूं, इसलिए मेरी बात नहीं सुनी जा रही। इसे देखते ही एसडीएम कोल, कमिश्नर, डीएम, शहर विधायक संजीव राजा एवं अन्य पदाधिकारियों ने उससे ज्ञापन लेने की कोशिश की, लेकिन उसने एक न सुनी। मंच पर बैठे प्रभारी मंत्री आए और ज्ञापन लिया, तब जाकर वह शांत हुआ। उसने बताया कि उसका पड़ोसी उसे व परिवार को परेशान कर रहा है। गांधी पार्क चौकी पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बजाय उसे भगा दिया।
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अरे मरन दे..., हम तो बैंक से पत्र ले लेंगे
अरे मरन दे..., इतनी गर्मी पड़ रही है। कौन यहां अपना हाड़ सुखाए। चल हम तो बैंक शाखा से ही प्रमाण पत्र ले लेंगे। नुमाइश मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तेज धूप से बेहाल एक किसान ने यह बात कही और अपने साथी के साथ चला गया।
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