अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को आर्थिक सहायता प्रदान करने वालों को अब आयकर से छूट प्राप्त हो सकेगी। इस संदर्भ में भारत सरकार के मुख्य आयकर आयुक्त (छूट) प्रमोद कुमार गुप्ता ने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं।
आदेश पत्र के अनुसार एएमयू को इसकी स्थापना के उद्देश्यों के लिए दिये जाने वाले दान पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 जी के अंतर्गत 100 प्रतिशत छूट प्राप्त होगी। एएमयू के शुभचिंतकों, पूर्व छात्रों तथा अलीग बिरादरी के लिए यह शुभ समाचार है। चेक, ड्राफ्ट अथवा नकद रूप में दान देने पर सेक्शन 80 जी के अंतर्गत आयकर की राशि में छूट प्राप्त कर सकेंगें। उल्लेखनीय है कि सरकार, आयकर एक्ट के सेक्शन 80 जी के अंतर्गत छूट देकर नागरिकों को शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण के लिए आर्थिक सहायता देने के लिए प्रेरित करती है।
इससे पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त ने सूचित किया था कि आयकर अधिनियम 1961 के सब सेक्शन 2(ए) के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नियत अधिकारी, एएमयू को राष्ट्रीय महत्व का विश्वविद्यालय घोषित करता है। मुख्य आयकर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आयकर की उक्त छूट इस शर्त के साथ प्राप्त होगी कि एएमयू दान की धनराशि को उन ही उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खर्च करेगी जिनके लिए वह स्थापित की गई है। एएमयू इन दान राशियों का अलग से हिसाब-किताब रखेगी तथा हर वित्तीय वर्ष के एकाउंट की एक प्रतिलिपि संबंधित अधिकारी के पास 31 दिसंबर तक जमा की जाएगी।