15 साल की किशारी को 16 अगस्त 2017 को मोहल्ले का युवक अपने भाई के साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उस वक्त किशोरी दूध लेने गई थी, तभी आरोपी टिर्री में उसे ले गए। लोगों ने उनको ले जाते हुए देखा भी था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए डेढ़ माह बाद किशोरी को तलाश लिया।
अलीगढ़ के थाना सासनी गेट क्षेत्र में दलित किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में एडीजे पॉक्सो प्रथम अनिल कुमार की अदालत ने दोषी राकेश को 10 साल कारावास व 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को प्रतिकर के रूप में देने के लिए कहा है।
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थाना सासनीगेट क्षेत्र में रहने वाली महिला ने तहरीर देकर कहा था कि उनकी 15 साल की बेटी को 16 अगस्त 2017 को मोहल्ले का सैंठा उर्फ सैंटी अपने भाई के साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उस वक्त किशोरी दूध लेने गई थी, तभी आरोपी टिर्री में उसे ले गए। लोगों ने उनको ले जाते हुए देखा भी था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए डेढ़ माह बाद किशोरी को तलाश लिया।
किशोरी ने अपने बयानों में कहा कि दोनों आरोपियों ने उसे मोहल्ला निवासी राकेश के हवाले कर दिया था। जहां उसने कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर खुद को गाजियाबाद में एक कमरे में पाया। जहां राकेश ने उसे डेढ़ महीने तक रखा। वह उसके साथ दुष्कर्म करता था, विरोध करने पर मारपीट करता था। एक दिन राकेश काम पर गया, तभी वह मौका पाकर भाग आई। पुलिस ने राकेश के खिलाफ चार्जशीट लगाई। सत्र परीक्षण के आधार पर राकेश को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई है।