दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली के संबंध में स्थानीय कोर्ट में चल रहे दो अलग-अलग मुकदमों में सुनवाई हुई। अदालत ने बिजली बिलों में कथित तौर पर हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेज पेश करने के मामले में अदालत ने 10 नामजद अधिकारियों को नोटिस जारी कर तलब किया है। अगली तारीख 14 अगस्त तय की है।
बिना नोटिस बिजली काटने और बकाये का भुगतान होने के बावजूद कनेक्शन न जोड़ने के मामले में अफसरों ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा। क्वार्सी इलाके के निवासी और अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनूप कौशिक ने बिजली निगम के खिलाफ अदालत में याचिकाएं दाखिल की थीं।
पहली याचिका में उनका आरोप था कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनके घर की बिजली काट दी गई। इसके बाद जब उन्होंने बकाया राशि का पूरा भुगतान कर दिया, तब भी विभागीय अधिकारियों ने महीनों तक उनका बिजली कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ा, जिससे उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अनूप ने निगम पर बिजली बिलों में बड़े स्तर पर हेराफेरी और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निगम की ओर से अदालत में जवाब के रूप में मार्च 2026 का जो बिजली बिल पेश किया गया है, उसमें गंभीर कूटरचना की गई है।