भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य दिनेश वकील के भतीजे सचिन की हत्या की साजिश जट्टारी के पूर्व चेयरमैन मनवीर व सचिन के अन्य दुश्मनों ने मिलकर रची थी। इसके लिए मनवीर ने भाड़े के शूटरों को 10 लाख रुपये में सुपारी दी थी। इस हत्याकांड में कुल 14 लोग शामिल रहे। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने सचिन के गांव के ही नामजद शूटर राजू को गिरफ्तार कर लिया है। उसने हत्याकांड की पूरी योजना उजागर कर दी है। पुलिस अब अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
एसपी क्राइम डॉ.अरविंद ने पुलिस कार्यालय में बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 6 जुलाई को हुई सचिन निवासी दमुआका पिसावा की हत्या में पुलिस नामजदों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस ने राजू उर्फ राजकुमार पुत्र भागचंद्र निवासी दमुआका को बृहस्पतिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का पौना तमंचा, 2 कारतूस आदि बरामद हुए। पूछताछ में राजू ने स्वीकारा कि उसकी सचिन व उसके भाई प्रशांत से गांव में रंगबाजी को लेकर रंजिश शुरू हो गई थी।
इसी रंजिश के तहत उसकी मुलाकात जट्टारी के पूर्व चेयरमैन मनवीर सिंह से हुई तो उन्होंने भी सचिन व प्रशांत (चचेरा भाई) से अपनी रंजिश बताते हुए उन्हें ठिकाने लगाने की बात कही, क्योंकि सचिन व प्रशांत ने पूर्व में मनवीर पर हमला किया था। उन्होंने ही सचिन व प्रशांत के एक अन्य दुश्मन तीन भाई यूसुफ, मुन्ना व यूनुस निवासी जहांगीरपुर, थाना जेवर से मुलाकात कराई। बातचीत में पता चला कि सचिन व प्रशांत ने यूसुफ के एक भाई दीनू की कई साल पहले हत्या की थी।
वे तभी से खुन्नस मानते थे। योजना के तहत मनवीर ने दस लाख रुपये देना तय किया, जबकि यूनुस ने हथियार मुहैया कराने और खुद राजू ने शूटर बुलाने का जिम्मा लिया। इसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।
सबके जिम्मे था अलग-अलग काम
सचिन हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम डॉ अरविंद ने बताया कि राजू पूर्व में भी जेल जा चुका है। जेल से ही उसकी दोस्ती जट्टारी के एक अन्य अपराधी बंटी से हो गई। राजू ने बंटी को इस प्लान में शामिल किया और बंटी की मदद से भाड़े के शूटर बुलाए गए। उन्हें मनवीर की ओर से एडवांस में दो लाख रुपये भी दिए गए, जबकि शेष आठ लाख रुपया काम होने के बाद देना तय किया गया।
एसपी क्राइम के अनुसार घटना वाले दिन गिरफ्तार राजू के अलावा भाड़े के शूटर उपेन्द्र पंडित निवासी महाबड बादलपुर, गौतमबुद्धनगर, सचिन गुर्जर व बॉबी पहलवान निवासीगण आनन्दपुर जारचा, गौतमबुद्धनगर, मोनू उर्फ मंजीत यादव निवासी सराय दुल्हा सिकंदराबाद, बुलंदशहर व मुकेश दलाल निवासी कृष्ण कालोनी रेलवे स्टेशन पलवल, हरियाणा एक स्विफ्ट कार व सफेद अपाचे पर सवार होकर सचिन की हत्या के इरादे से घूम रहे थे। गांव दमुआका से बॉबी व नौरंग मिलकर सचिन की लोकेशन उन्हें बार-बार दे रहे थे। जैसे ही वह नगरिया बिजना मार्केट पर पहुंचा तो उन्हें लोकेशन दी गई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना को अंजाम दिया। इस दौरान उपेंद्र पंडित व राजू की गोलियों से सचिन मारा गया। बाकी शूटर बैकअप में रहे। घटना के बाद यह लोग शादीपुर के रास्ता बाजना मथुरा की ओर निकल गए।
हत्या में शामिल इन शूटर/साजिशकर्ताओं की तलाश
सचिन की हत्या में साजिशकर्ता/सुपारी/हथियार देने वाले मनवीर व यूसुफ, मुन्ना व यूनुस निवासी जहांगीरपुर थाना जेवर के अलावा पांच शूटर, मौके पर मुखबिरी करने वाले, राजू की शूटरों से मुलाकात कराने वाला बंटी, जट्टारी और शूटरों को ठहराने आदि में सहयोग करने वाले मनवीर के निजी गनर शिव सिंह की पुलिस तलाश कर रही है।
ये रही गिरफ्तारी टीम
एसओ पिसावा सुधीर कुमार, एसआई विदेश राठी, धर्मेश कुमार के अलावा, एसओजी प्रभारी अनूप सरोज, सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार व उनकी टीम शामिल रहे।
मुख्यमंत्री/डीजीपी से शिकायत
इस मामले में गिरफ्तार मुकेश दलाल के पिता जय किशन दलाल ने यूपी के मुख्यमंत्री व डीजीपी को एक शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें कहा कि पिसावा पुलिस ने राजू के साथ उनके बेटे मुकेश, सचिन व मोनू उर्फ मंजीत को पकड़ा है। इनमें से राजू को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया, जबकि बाकी तीनों को अभी बैठाए रखा है। कहीं पुलिस उनका फर्जी एनकाउंटर न कर दे।
सचिन व प्रशांत पर भी दर्ज हैं मुकदमे
एसपी क्राइम ने बताया कि सचिन व प्रशांत पर भी आठ दस के करीब आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उनकी कई तरह की रंजिश निकलकर आ रही हैं। उन सभी की जांच में यह खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ नाम और भी ऐसे हैं जो इस हत्याकांड में हो सकते हैं। इन सभी को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जल्द ही उनके नाम का भी खुलासा किया जाएगा।