संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कोतवाली में न्यायालय के आदेश पर मुनेश चौहान पुत्र राजेंद्र सिंह चौहान निवासी कूपा रोड आवास-विकास कॉलोनी कोतवाली के पास सादाबाद ने प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र के गांव करोही निवासी रामयेश मौर्या पुत्र रामआनंद मौर्या के खिलाफ धारा 419ए 420, 467, 468, 471, 406, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में मुनेश ने कहा है कि वह यूपी पुलिस में कमांडो के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2019 में वह मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कार्यरत थे। तब उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री आवास पर ही रामयेश से हुई थी। कई बार हुई मुलाकात के दौरान रामयेश ने उनसे गहरे संबंध स्थापित कर लिए। रामयेश ने उनसे कहा कि वह एक अर्ध सरकारी कंपनी एसकेएसपीसीएचआर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड रिंग रोड लखनऊ में किसी भी व्यक्ति को जिला को-ऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी दिलवा देगा, लेकिन उस कंपनी में बतौर सिक्योरिटी 10 लाख रुपये जमा करने होंगे।
नौकरी के दौरान 19,500 रुपये का वेतन मिलता रहेगा। सिक्योरिटी के रूप में जमा किए गए रुपये भी एक साल बाद वापस मिल जाएंगे और वेतन भी बढ़ता रहेगा। बातों में आकर उन्होंने अपनी पत्नी की नौकरी लगवाने को कहा तो रामयेश ने कहा कि छह लाख नकद दे दो। बाकी आरटीजीएस या चेक से दे देना। 20 अक्तूबर 2019 को रामयेश उसके सादाबाद स्थित घर पर आ गया। उसने पांच लाख 70 हजार रुपये घर पर मौजूद अपनी पत्नी रीनू, श्याम और प्रशांत के सामने दे दिए।
बाकी रुपये आरटीजीएस और चेक के माध्यम से दे दिए। इसके बाद रामयेश ने घर आकर उसकी पत्नी के नाम जिला को-ऑर्डिनेटर हाथरस के पद का नियुक्ति पत्र दे दिया, लेकिन जब उसकी पत्नी नियुक्ति पत्र को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंची तो वहां बताया गया कि ऐसी किसी भी कंपनी का कार्यालय यहां नहीं है और नियुक्ति पत्र भी फर्जी है। इसके बाद उसने कई बार रामयेश से रुपये वापस करने के लिए कहा गया, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। उसने रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।