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यूपी: सीएम के ‘घर’ में ही ‘फेल’ है सिस्टम

Fri, 12 Apr 2013 12:27 AM IST
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
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उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री आवास में भी लापरवाहों की ‘फौज’ है। स्थानीय अफसरों से थक हारकर न्याय पाने की उम्मीद लिए लोग सीएम दरबार पहुंचते हैं। लेकिन वह यह नहीं जानते कि मुख्यमंत्री के आवास में भी सिस्टम ‘फेल’ है।
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अनदेखी का आलम यह है कि जौनपुर के फरियादी की चिट्ठी कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है मुरादाबाद और रामपुर की चिट्ठी पहुंच रही बुलंदशहर। एक नहीं ऐसी सैकड़ों चिट्ठियां हैं जो सही जिलों में नहीं भेजी गईं।

फरियादी रोज इंतजार करते होंगे कि अब उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। अर्जी पर कार्रवाई के लिए संबंधित जिले को लिखा तो गया लेकिन समाधान तो तब हो जब वह आदेश सही जगह पहुंचे।
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गाजियाबाद, इलाहाबाद, हरदोई, उन्नाव, जौनपुर, फतेहपुर, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर के जो लोग शिकायत लेकर सीधे सीएम आवास पर पहुंचे थे उनमें से कइयों की अर्जियां मुरादाबाद पहुंच गईं।

हर चिट्ठी पर विशेष सचिव मुख्यमंत्री पनधारी यादव की मुहर लगी है। पिछले डेढ़ माह में तीस पत्र ऐसे पहुंचे हैं जिन्हें मुरादाबाद प्रशासन संबंधित जनपदों को भेज चुका है।

केस 1
जौनपुर जनपद में मुगरा परगना के रामसमुझ यादव 7 मार्च को मुख्यमंत्री दरबार में पेश हुए थे। मेड़ बंदी का विवाद था। इस दरख्वास्त पर कार्रवाई के लिए लिखा गया लेकिन चिट्ठी जौनपुर डीएम को न भेजकर मुरादाबाद पहुंचा दी।

केस 2
बुलंदशहर जनपद में तहसील शिकारपुर के गांव मालवाहनपुर की ग्राम प्रधान श्रीमती ममता देवी ने विकास कार्यों का मुद्दा लेकर सीएम से गुहार लगाई थी। पत्र बुलंदशहर के डीएम को जाना चाहिए था लेकिन मुरादाबाद के डीएम को भेज दिया।

केस 3
उन्नाव में मढ़िया मजरा अवैक निवासी पुष्पा पांडेय अपनी समस्याओं को लेकर सीएम दरबार में पहुंची थी। वहां से चिट्ठी में डीएम को तत्काल जांच के बाद कार्रवाई के आदेश भी हैं। लेकिन कार्रवाई तो तब हो जब चिट्ठी उन्नाव में पहुंचे। चिट्ठी मुरादाबाद आ गई।

केस 4
हरदोई के मोहम्मद सलाहउद्दीन का पत्र भी मुरादाबाद आ गया था। जिसे मुरादाबाद के डीएम ने यह कहकर वापस कर दिया है कि मामला हरदोई से जुड़ा हुआ है। यहां से पत्र हरदोई के जिलाधिकारी को भेजा जा रहा है।

दूसरे जनपदों के ऐसे पत्र जब भी यहां आ जाते हैं उसे तत्काल संबंधित जिले को भेज दिया जाता है। साथ ही जहां से चिट्ठी भेजी गई होती है वहां भी सूचना दे जाती है-प्रभात शर्मा, एडीएम प्रशासन
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