कुंडा के सीओ जियाउल हक की विधवा परवीन आजाद राजा भैया को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से निराश भी हैं और नाराज भी।
परवीन का मानना है कि राजा भैया को दोबारा मंत्रिमंडल में स्थान दिए जाने को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा जल्दबाजी में उठाया गया कदम है।
परवीन आजाद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सीबीआई से क्लीन चिट देने से पाक साफ नहीं हो जाता। अभी मामला कोर्ट में लंबित है। उन्हें वहीं फैसला मंजूर होगा।
उन्होंने कहा, "मैनें कोर्ट में अर्जी देकर दोबारा जांच की मांग की है। 21 तारीख को बहस होगी कि किस आधार पर सीबीआई ने क्लीन चिट दी। कोर्ट बिना आधार देखे निर्णय नहीं देती है। सीबीआई को कोर्ट का सामना करना पड़ेगा।"
राजा भैया को मंत्रिमंडल में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का फैसला है। मुख्यमंत्री किसी को भी मंत्रिमंडल में ले सकते हैं। और इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "यदि आम नागरिक की तरह पूछा जाए तो मुख्यमंत्री को इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने जल्दबाजी में निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री को कोर्ट का फैसला आने का इंतजार करना चाहिए था।"