तीन तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के बच्चों की मदद के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पहल कर रहा है। शहीद अशफाक उल्ला खां ट्रस्ट के जरिए रमजान में पूरे देश से जकात की रकम से तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार का ख्याल रखा जाएगा। 100 बेटियों के निकाह कराने से लेकर तलाक पीड़िताओं की मदद के लिए मंच काम करेगा। यह फैसला मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की आगरा में होटल वैभव पैलेस में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय परिषद बैठक में किया गया।
मंच मार्गदर्शक और आरएसएस नेता इंद्रेश ने बैठक के बाद बताया कि 2017 में तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे पढ़ लिखकर अपना मुकाम बना सकें। अब एक देश, एक कानून चलेगा। मजहब के आधार पर अदालतें नहीं बनाई जा सकतीं। सभी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानना चाहिए। देश में दर्जनों धर्मों के लोग रहते हैं, ऐसे में सभी अपने लिए अदालतों की मांग करेंगे तो कैसे चलेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूख अब्दुल्ला पर बरसते हुए उन्होंनेे कहा कि कश्मीर अब्दुल्ला परिवार की संपत्ति नहीं है। यह भारत का है और अलगाव की भाषा अब वहां नहीं चलेगी।
संघ नेता ने नोटबंदी पर सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे नक्सल, कश्मीरी आतंकी, पत्थरबाजों को नुकसान हुआ है। प्रदेश में दो सर्वे हुए हैं, जिसमें नोटबंदी का समर्थन किया गया है। मंच की बैठक में राष्ट्रीय सह संयोजक मो. इस्लाम अब्बास, गिरीश जुआल, अबू बकर नकवी, डा. शाहिद अख्तर, मौलाना शोएब कासमी, एसके मुईनुद्दीन, डा. मुनव्वर चौधरी, अमानउल्ला अंसारी, यासिर जिलानी, अशफाक सैफी मौजूद रहे।
तीन हजार मदरसों पर फहराया जाएगा तिरंगा
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इस साल 26 जनवरी पर तीन हजार मदरसों और चार हजार से ज्यादा गली-मोहल्लों में राष्ट्रगान और तिरंगा फहराएगा। मंच ने सात साल पहले जब तिरंगा फहराने का कार्यक्रम शुरू किया तो पहले साल 58 मदरसों ने राष्ट्रगान में हिस्सा लिया, लेकिन अब यह संख्या तीन हजार से ज्यादा हो जाएगी।