कासगंज में पुलिस हिरासत में युवक फंदे से झूल गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह पुलिस की प्रताड़ना से प्रताड़ित था। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। वह शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कासगंज में अमांपुर कोतवाली में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश करने वाले युवक की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हैं। शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वह दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कारर्वाई की मांग पर अड़े हैं। उधर, पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष को घर पर ही नजरबंद कर लिया है। ताकि वह गांव न पहुंच सकें।
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मामला अमांपुर कोतवाली क्षेत्र के रसलुआ सुलहपुर गांव का है। गांव निवासी गौरव (20) को अमांपुर थाना पुलिस ने 20 फरवरी को एक किशोरी को अगवा करने के मामले में हिरासत में लिया था। युवक तीन फरवरी के बाद से लगातार पुलिस की अभिरक्षा में कोतवाली में था। नौ फरवरी को सुबह 9 बजे युवक शौच करने के लिए थाना परिसर के महिला शौचालय में गया था। वहीं उसने मफलर से फंदा लगा लिया।
शौचालय में लगाई थी फांसी
जानकारी हुई तो युवक को शौचालय का दरवाजा तोड़कर निकाला गया। उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत गंभीर देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। वहां पर चिकित्सकों ने पहले ही दिन से उसे वेंटिलेटर पर रखा था। चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही थी। लेकिन, सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
खबर मिलते ही बिलख पड़े परिजन
सुधार न होने पर परिवार के लोग भी युवक की सेहत की चिंता में थे। एक दिन पूर्व एसपी से मिलकर किसी अन्य हायर सेंटर पर इलाज के लिए भेजने की मांग की थी। बुधवार को परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों से वार्ता करने के लिए गए। लेकिन, दोपहर करीब 2 बजे युवक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की जानकारी जैसे ही परिजन को हुई तो वह बिलख पड़े।
पुलिस बल व पीएसी तैनात
पुलिस प्रशासन भी युवक की मौत से सकते में आ गया। तत्काल पुलिस की सतर्कता बढ़ाई गई। युवक के गांव और अमांपुर कस्बा में कई थानों की पुलिस व पीएसी भी तैनात की गई। अलीगढ़ में ही युवक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। देर रात युवक का शव गांव पहुंचा। इसके बाद परिजन ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
सपा जिलाध्यक्ष को पुलिस ने किया नजरबंद
गुरुवार की सुबह भी ग्रामीण व परिजन शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वह आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करके जेल भेजने की मांग पर अड़े हैं। रात से ही पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन वह मामनने को तैयार नहीं हैं। रिश्तेदारों ने कहा कि सरकार परिवार की मदद के लिए 50 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी दे। साथ ही 10 बीघा जमीन का पट्टा करे। उधर, पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव को गांव जाने से रोकने के लिए उनके घर पर ही नजरबंद कर लिया है।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि युवक का अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। उसकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस परिवार के लोगों के संपर्क में है। उनकी मदद की जा रही है।