आगरा में मोबाइल पर लोन एप डाउनलोड करना एक युवक को भारी पड़ गया। उसे एप कंपनी ने दो बार बिना मर्जी के लोन दे दिया। दोगुनी से ज्यादा रकम सात दिन में जमा करने का दबाव बनाया। न मानने पर मोबाइल से नंबर लेकर परिचितों को फोन कर उसे बदनाम किया जा रहा है। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
ताजगंज निवासी आसिफ निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 अगस्त को फेसबुक पर स्टेटस अपडेट करते समय एक लोन एप का विज्ञापन देख उन्होंने क्लिक कर दिया। एप मोबाइल में डाउनलोड हो गया। एप चालू करने के लिए जानकारी मांगी गई, जो उन्होंने दे दी। कुछ देर बाद एप से लोन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पता चलने पर उन्होंने प्रक्रिया बंद कर दी। मगर, बताया गया कि एप से लोन स्वीकृत हो गया है। रकम खाते में ट्रांसफर की जा रही है। सात हजार रुपये आ भी गए। अगले ही दिन उन्हें बताया गया कि सात दिन में 12,812 रुपये लौटाने होंगे।
आसिफ के मुताबिक, सात दिन में दोगुनी के बराबर रकम लौटाने की जानकारी पर होश उड़ गए। लोन वापस करने की कहने पर उनसे 5812 रुपये जमा करा लिए। बाकी रकम सात दिन के अंदर जमा करने के लिए कहा गया। अब 12,812 रुपये मांगे जा रहे हैं। कहा गया कि शेष रकम कैश बैक में वापस हो जाएगी। कुछ दिन बाद उनके खाते में दस हजार रुपये भेजे गए। उन्हें लगा कि कैश बैक मिल गया है। मगर, बाद में बताया कि एक और लोन स्वीकृत है। अब उनसे 17,802 रुपये की मांग हो रही है। लोन कंपनी के कर्मचारी रिश्तेदार और परिचितों को फोन कर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। उनसे रकम जमा करवाने के लिए बोल रहे हैं।