कासगंज। बाजार का खुला दूषित खानपान लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। बड़ी संख्या में युवा और बच्चे टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। एक साल में अकेले जिला अस्पताल पर 591 लोग इस बीमारी से संक्रमित होकर बीमार हो चुके हैं। जिले में यह बीमारी तेजी से फैल रही है।
समय के साथ लोगों के खानपान में तेजी से बदलाव आया है। खासकर युवा एवं बच्चे बाजार के भोजन को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में बिकने वाले चाट पकौड़े, कचौड़ी, समोसे आमतौर पर खुले में होते है। ऐसे में ये खाद्य पदार्थ लोगों की सेहत पर असर डालते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियां होती हैं। इसके साथ ही घर पर भोजन करते समय साफ-सफाई को नजर अंदाज करना भी इस बीमारी को आमंत्रण देने के समान है। टाइफाइड में शरीर का सबसे अधिक प्रभावित भाग आंत होता है। टाइफाइड बुखार में पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है, लेकिन समय के साथ-साथ शरीर के कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। टाइफाइड के रोगियों को पेट दर्द, दस्त, कब्ज और वजन कम होने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
टाइफाइड के लक्षण
-उच्च बुखार
-भूख में कमी
-सिरदर्द
- दस्त
-गले में खराश
-चकत्ते
-मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द
-सूखी खांसी
बचाव के उपाय
-हाथों को साफ करके भोजन करें
-दूषित पानी व भोजन न करें
-कच्ची सब्जियां न खाएं
-कच्चा दूूध न पिएं
-फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं
-बाजार के खुले खाद्य पदाथों का सेवन न करें
-भोजन करने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं
-घर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें
-चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है, यह साल्मोनेला एन्टेरिका, सेरोटाइप टाइफी, बैक्टीरिया से होता है। यह साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरियम से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया पानी और खाने के जरिए लोगों के अंदर जाता है। परिवार के किसी सदस्य के चपेट में आने से अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। जिला अस्पताल पर आने वाले मरीजों में युवा एवं बच्चों की संख्या अधिक रहती है।-डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
28जेएनडी05: व्यापारियों के साथ महाबीर कंप्यूटर। स्रोत व्यापार मंडल