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होली: मथुरा के गांव जाबरा जेठ के साथ होली खेलती है बहू, सदियों पुरानी है यह अनूठी परंपरा

Sun, 28 Mar 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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होली - फोटो : Amar Ujala
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मथुरा जिले के गांव जाबरा में राधाजी और बलराम के होली खेलने के चलते 29 मार्च को जेठ और भाभी की होली होती है। मान्यता है कि बलराम ने जेठ होकर राधा से भाभी और देवर के समान होली खेलने की इच्छा व्यक्त की थी। यह सुनकर राधाजी विचलित हो गईं। उन्होंने श्रीकृष्ण से कहा तो वे बोले कि त्रेता युग में बलराम, लक्ष्मण थे। आप सीता के रूप में उनकी भाभी थीं। उसी नाते से भाभी कह दिया होगा।

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इसी मान्यता के चलते गांव जाबरा में जेठ और भाभी की होली होती है। जाबरा गोरई रोड पर बसा है। चैत्र माह की प्रथम तिथि को दोपहर को कजरा होता है। इसमें गांव के वयोवृद्ध लोगों का दल कजरा के पीछे-पीछे ब्रजभाषा के प्राचीन होली के लोक गीतों को ऊंचे स्वरों में गाते हुए चलता है। हुरंगा से पूर्व गांव में छोटे-छोटे पहलवानों का दंगल होता है।

शाम को गांव के बाहर मैदान में ब्रज के होली रसियों के गायन के साथ जेठ और भाभी के बीच हुरंगा होता है। इसके बाद गांव की परिक्रमा की जाती है। अगले दिन दूज को गांव चंद्रवन में मेले लगता है। इसमें सैकड़ों गांवों के लोग नगाड़ा लेकर आते हैं। यहां रसियों और नगाड़ों की तान पर लोग नृत्य करते हैं। भन्नी पर कुश्ती दंगल होता है। 

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जाबरा में होली पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम
28 मार्च को सुबह 10 बजे होलिका पूजन होगा, गांव में शोभायात्रा निकलेगा। रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक प्राचीन चौपाल पर भजन गायन, उसके बाद होली दहन कर जौ और गेहूं की बाल भूनकर कर बांटी जाएंगी। 29 मार्च सुबह गांव में धुलैड़ी का कार्यक्रम गुलाल लगाते हुए गांव की परिक्रमा की जाएगी। 

सुबह 11 बजे बच्चों का कुश्ती दंगल होगा। दोपहर एक बजे कजरा होगा। शाम चार बजे गांव के बाहर हुरंगा होगा। 30 मार्च जाबरा के मजरा चंद्रवन में मेला लगेगा। 31 मार्च को भन्नी पर कुश्ती दंगल होगा। एक अप्रैल को 300 वर्ष पुराने हुरंगे का आयोजन होगा।
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