आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में रविवार रात को युवती को अगवा कर दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि ट्रांस यमुना कॉलोनी का रहने वाला सौरभ सिंह उर्फ शैलू यादव उसे गाड़ी में घर से उठाकर ले गया। अपने मकान में बंधक बनाया। इसके बाद दुष्कर्म किया। बेल्ट से पिटाई लगाई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने उसे मुक्त कराया। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर सोमवार शाम को मुकदमा दर्ज किया। आरोपी हिरासत में है।
घर पर अकेली थी युवती
युवती थाना एत्माद्दौला इलाके की रहने वाली है। वह पार्लर चलाती थी। इसके लिए आरोपी सौरभ सिंह उर्फ शैलू यादव की दुकान किराये पर ली थी। रविवार रात को परिजन शादी में गए थे। वह घर में अकेली थी। युवती की मां का आरोप है कि रात तकरीबन 11 बजे आरोपी सौरभ सिंह घर आया। उसके साथ चालक भी था। युवती ने समझा कि परिजन आ गए हैं। उसे अगवा कर ले गया। अपने मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। उसके साथ दुष्कर्म किया।
रात में आरोपी ने नहीं खोला दरवाजा
उधर, परिजन घर आए। बेटी को घर में नहीं पाकर तलाश में जुट गए। रात तकरीबन दो बजे युवती ने किसी तरह आरोपी का मोबाइल ले लिया और अपने रिश्तेदार को कॉल किया। उन्हें घर में कैद होने के बारे में बताया। इस पर सौरभ सिंह ने उसकी बेल्ट से पिटाई की। परिजन आरोपी के घर पहुंच गए। मगर, आरोपी ने गेट नहीं खोला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पीआरवी के पुलिसकर्मियों ने युवती को मुक्त कराया। आरोपी को भी हिरासत में ले लिया। पीड़िता की मां ने थाने में तहरीर दी।
16 घंटे तक दर्ज नहीं हुआ मुकदमा, भटकते रहे परिजन
परिजनों ने बताया कि वह सोमवार तड़के चार बजे तक थाने पर रहे थे। इसके बाद घर वापस आ गए। सुबह तकरीबन 11 बजे फिर आ गए। पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मगर, पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। परिजनों के बयान लिए। इसके बाद पीड़िता से भी बात की। आरोपी दबंग है। वह एक पूर्व विधायक का रिश्तेदार भी बताता है। उसकी गाड़ी पर पूर्व विधायक लिखा है। डर की वजह से युवती अपने बयान में दुष्कर्म की बात नहीं कह पाई। मगर, परिजन दुष्कर्म की बात कर रहे थे।
कोर्ट में दर्ज कराएंगे बयान
मामले की जानकारी पर सीओ छत्ता दीक्षा सिंह थाना पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता से बात की। परिजनों के भी बयान लिए। इसके बाद मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए। सीओ ने बताया कि दुष्कर्म, मारपीट और अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। एससी-एसटी एक्ट भी लगाया है। पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। मंगलवार को कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराए जाएंगे। इनका अवलोकन किया जाएगा। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता तलाकशुदा है। वहीं आरोपी को भी पत्नी ने छोड़ दिया है। आरोपी को परिजन दबंग बता रहे हैं।
आरोप : पहले से धमका रहा था आरोपी
युवती के परिजनों का आरोप है कि शैलू यादव की दुकान दो महीने पहले किराये पर ली थी। इसके बाद से ही वो युवती को परेशान करने लगा। युवती को धमकी दे रहा था। दोस्ती का दबाव बना रहा था। इस कारण 20 दिन ही दुकान चल पाई। इसके बावजूद वो धमका रहा था। यही वजह थी कि थाने जाने पर पुलिस ने पहले दुकान का विवाद बताया। यह भी कहा गया कि उसकी दोस्ती है। वह खुद गई होगी। मगर, ऐसा नहीं था। एक पुलिसकर्मी ने ही बताया कि उन्हें क्या लिखकर देना चाहिए। मामला अधिकारियों तक पहुंचने पर सुनवाई हुई।