दुकान बेचकर आए थे सात लाख रुपये
सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नरायन ने बताया कि सचिन और उसके दोस्त अरतौनी निवासी गब्बर को पकड़ लिया गया। पूछताछ में सचिन ने बताया कि बहन की शादी होने वाली है। इसके लिए जुलाई में अपनी दुकान को सात लाख रुपये में बेच दिया था। यह रुपये मां के खाते में जमा थे।
उसने व्यापार करने के लिए मां से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया। इस पर उसने अपहरण का नाटक किया। सचिन ने अपने दोस्त गब्बर को फिरौती की रकम में से एक लाख रुपये देने का वादा किया। वह लालच में साथ में आ गया। आरोपियों के खिलाफ फिरौती के लिए अपहरण, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ऑटो बदल-बदलकर भरतपुर जाने की थी तैयारी
रुनकता में मिलने के बाद आरोपियों ने कॉल किया था। इसके बाद वह अपनी लोकेशन बदलते रहे। ऑटो बदल-बदल कर बैठने लगे। वह भरतपुर की तरफ जा रहे थे, जिससे लगे कि उनका राजस्थान के गैंग ने अपहरण कर लिया है। लेकिन इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।