इस कारण शादी के बाद रोजाना बेटी और दामाद से झगड़ा कर रहे थे। राकेश के पिता राम खिलाड़ी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। राकेश ने उनके रुपयों से संजय प्लेस में दुकान ली थी और लक्ष्मण के साथ मिलकर प्रिंटिंग का काम करता था। 19 नवंबर को दुकान पर देरी से आने पर राकेश ने लक्ष्मण को भगा दिया। घर पर राकेश और उसकी पत्नी बार-बार विवाद कर लक्ष्मण को कहीं जाकर मर जाने को बोल रहे थे।
22 नवंबर को बेटी ने फेसबुक पर लक्षण की वीडियो देखी, जिसमें वह भाई राकेश और भाभी उमा पर पिता की जमा पूंजी हड़पने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर आत्महत्या करने की बोल रहा था। वीडियो देखते ही बेटी ने फोन कर उन्हें जानकारी दी और सबने लक्ष्मण को ढूंढना शुरू किया। थोड़ी देर बाद एकता थाना की तोरा चौकी के प्रभारी ने लक्ष्मण का शव धोबीघाट पर यमुना में मिलने की जानकारी दी। अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने शाहगंज पुलिस से शिकायत की। मामले में डीसीपी सिटी ने बताया कि युवक की फेसबुक पर मिले वीडियो और तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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