उत्तर प्रदेश के आगरा में शादी के बाद पत्नी की शारीरिक अक्षमता के बारे में पति को जानकारी हुई। ससुरालवालों ने धोखाधड़ी करके विवाह करा दिया। जबकि पत्नी में स्त्रियों के लक्षण नहीं थे। पति ने परिवार न्यायालय में वाद दायर कर दिया। सात वर्ष तक चले मामले के बाद परिवार न्यायालय ने विवाद को शून्य घोषित कर दिया। विवाह विच्छेद के आदेश पारित किए।
स्त्रियों जैसे कोई लक्षण नहीं थे
एत्मादपुर थाना क्षेत्र निवासी पति ने परिवार न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया था। पति ने बताया कि उसका विवाह जनवरी 2016 में फिरोजाबाद की युवती से हुआ था। सुहागरात पर उसे पता चला कि पत्नी पूर्ण रूप से स्त्री नहीं है, वह किन्नर है। उसमें कोई स्त्रियों जैसे कोई लक्षण नहीं थे। बदनामी के चलते किसी को कुछ बता नहीं सका।