फतेहाबाद रोड पर बुधवार दुस्साहसिक तरीके से मॉल के बाहर से युवती को अगवा करने के दो आरोपियों शैलेंद्र सिंह और मनीष चौहान को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शैलेंद्र सिंह एबीवीपी में पदाधिकारी है।
कार में युवती को अगवा करने के बाद युवकों ने हद दर्जे की बदसलूकी की थी। शोर मचाने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद हत्या की बात करने लगे। घटना से पीड़िता दहशत में है। वह घर में कैद हो गई है।
पीड़िता ने पुलिस को तहरीर में लिखकर दिया कि वह ड्यूटी खत्म करके जैसे ही रोड पर आई, उसके पास स्कार्पियो आकर रुक गई। इसमें शैलेंद्र, अशोक और मनीष थे। मनीष कार चला रहा था। तीनों ने उसे स्कार्पियो में डाल लिया। वह शोर मचाने लगी।
इस पर शैलेंद्र ने उसके मुंह में रुमाल लगा दिया। इस दौरान दुष्कर्म के बाद हत्या की कहने लगे। पीछा कर रहे बाइक सवार को टक्कर मारने के लिए मनीष गाड़ी को लहराने लगा।
वे लोगों पर तमंचा से फायर करने की कह रहे थे। लोगों ने मनीष और शैलेंद्र को पकड़ लिया। घटना के बाद से युवती दहशत में है। वह घर से नहीं निकल रही है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि शैलेंद्र युवती पर दोस्ती के लिए दबाव बना रहा था। उसने इंकार कर दिया तो दोस्त के साथ मिलकर अपहरण कर लिया।
ताजगंज क्षेत्र की युवती एक मॉल में काम करती है। बुधवार रात 8:30 बजे स्कॉर्पियो से धांधूपुरा निवासी शैलेंद्र सिंह, अशोक निवासी शहीद नगर और मनीष निवासी ताजनगरी फेस-2 उठाकर ले गए थे। आबकारी के सिपाही वैभव शर्मा ने पीछा किया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी थी।
घेराबंदी के बाद तोरा गांव में स्कार्पियो को रोक लिया गया था। अशोक भाग निकला था। पुलिस ने युवती की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण की धारा 364, 366 में मुकदमा दर्ज किया। सीओ सदर विकास जायसवाल ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द जमानत नहीं मिले, उसके लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। वहीं आबकारी विभाग के सिपाही वैभव शर्मा ने उनका पीछा किया था। युवती को बचाने में सिपाही की भूमिका अहम रही। सिपाही ने पूरे घटनाक्रम को देखा था। इसलिए सिपाही के भी बयान दर्ज कराए जाएंगे।