फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: उफान पर यमुना...खतरे के निशान से ढाई फीट दूर, निचले इलाकों में जारी किया अलर्ट

Thu, 07 Aug 2025 12:02 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में एत्माउद्दौला स्मारक पर लगे मछ़ली के निशान से यमुना दो फीट दूर है। जलस्तर मछली के निशान से ऊपर जाने पर निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बनते हैं। 
विज्ञापन
यमुना का जलस्तर बढ़ा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में चंबल थमी तो अब यमुना उफान पर आ गई है। वाटर वर्क्स पर यमुना खतरे के निशान से ढाई फीट दूर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर ढाई फीट बढ़ने से यमुना 492.5 फीट पर बह रही है। चेतावनी बिंदु का स्तर 495 और खतरे का लाल निशान 499 फीट पर है।
विज्ञापन


पहाड़ों पर बारिश से यमुना पर बने बैराज लबालब हैं। पानी का दबाव बढ़ रहा है। बुधवार को गोकुल बैराज से 21 हजार क्यूसेक पानी आगरा की तरफ यमुना में छोड़ा गया। मंगलवार को 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे यमुना उफान पर आ गई है।

तटवर्ती इलाकों में अफरातफरी है। एत्माउद्दौला स्मारक पर लगे मछ़ली के निशान से यमुना दो फीट दूर है। जलस्तर मछली के निशान से ऊपर जाने पर निचले इलाकों में बाढ़ के हालात बनते हैं। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला का कहना है कि बाढ़ का खतरा नहीं है। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। बाढ़ चौकियां बन चुकी हैं।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

बाह में खेतों में घुसा यमुना का पानी
बटेश्वर व आसपास क्षेत्रों में यमुना उफान पर है। तराई के खेतों में पानी घुस रहा है। बाजरा, तिल और सब्जियों की फसल में नुकसान हुआ है। उफान के मद्देनजर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बचाव और राहत के लिए 5 बाढ़ चौकियां बनाई जा रही हैं।

यमुना नदी के उफान का पानी रामपुर चंद्रसेनी, बलाई, बिठौली, बटेश्वर, भौंर, स्याइच, कोट का पुरा, बड़ा पुरा, सुंसार, बिक्रमपुर कछार, कमतरी, चतुर्भुजपुरा, नौगवां, चरीथा, गढ़वार, बाग गुड़ियाना आदि गांवों के तराई के खेतों में भर गया है।

किसान फसल नष्ट होने के अंदेशे से चिंतित हो उठे हैं। नदी में उफान जारी रहा तो रामपुर चंद्रसेनी, विक्रमपुर घाट, चरीथा, बड़ा पुरा आदि दर्जन भर गांव की आबादी प्रभावित होगी। लगातार चढ़ रही यमुना नदी ने तटवर्ती 35 गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं है। लेखपालों को गांव के लोगों को नदी क्षेत्र में न जाने के लिए हिदायत दी गई है। बचाव और राहत के लिए 5 बाढ़ चौकियां बटेश्वर, विक्रमपुर, पारना, कचौराघाट, रामपुर चंद्रसेनी में बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें