उफान पर आई यमुना में अगले 48 घंटे में बाढ़ की आशंका है। जलस्तर 500 फीट तक पहुंच सकता है। बुधवार को वाटर वर्क्स पर यमुना चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही थी। जलस्तर 495.3 फीट था। इधर, प्रशासन ने बाढ़ से निपटने, राहत एवं बचाव के इंतजाम पूर्ण कर लिए। विस्थापित होने वाले परिवारों से लेकर बाढ़ प्रभावित इलाके तक चिह्नित किए हैं।
जिले में यमुना की बाढ़ से करीब 40 गांव प्रभावित होते हैं। फिलहाल 15 गांव में खतरा है। यमुना पार स्थित फाउंड्री नगर के पीछे पवन बिहार, कवीर धाम, जोहरा बाग में पानी आबादी क्षेत्र में घुस सकता है। बल्केश्वर के अनुराग नगर में पानी भरने लगा है। दयालबाग के अमर विहार में भी बाढ़ की आशंका है।
सदर तहसील क्षेत्र में तनोरा नूरपुर, कैलाश, स्वामीबाग, नगला बढ़ी, मनोहरपुर, अमर विहार, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मोक्षधाम में पानी भरने से दाह संस्कार में लोगों को परेशानी हो रही है। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला के अनुसार 17 अगस्त को शाम 4 बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
इस वजह से शुक्रवार तक यमुना जलस्तर 500 फीट तक पहुंच सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से यमुना के तटवर्ती इलाकों में लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। बाढ़ राहत केंद्र, बाढ़ चौकियां, मोटर बोट से लेकर राहत सामग्री तक सभी तैयारियां पूर्ण हैं।