यमुना एक्सप्रेसवे के बाजना टोल कर्मियों ने भाकियू नेता के लिए टोल फ्री करने का संदेश नहीं माना तो इससे नाराज होकर कार्यकर्ता शनिवार शाम टोल प्लाजा पर पहुंचे और टोल फ्री करा दिया। करीब डेढ़ घंटे वाहन बिना टोल दिए गुजरते रहे। कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण जाम की स्थिति भी बनी। आखिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देकर वहां से हटवाया।
ये है मामला
दरअसल, भाकियू टिकैत गुट के एक नेता को नोएडा जाने के लिए कार्यकर्ताओं ने टोल फ्री का संदेश भेजा था। जब कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर पहुंचा तो पता चला कि टोलकर्मियों को पास ऐसा कोई संदेश नहीं आया। इस पर तेजबहादुर सोनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और टोल प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने टोल को सभी लाइनों पर कब्जा कर टोल को फ्री करा दिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना पर थाना नौहझील प्रभारी अरुण सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाकर तीन दिन का समय मांगा। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे अथाॅरिटी के उच्चधिकारियों के साथ वार्ता करवाकर मामले का निस्तारण करा दिया जाएगा। इस पर प्रदर्शनकारी मान गए। तेजबहादुर सोनी ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों का अपमान किया जाता है। मैसेज के बावजूद गाड़ियों को नही निकाला जाता।
डेढ़ घंटे तक टोल पर कब्जा
बाजना टोल प्रभारी सुशील चौधरी ने बताया कि भाकियू के लोग शाम को आए और टोल को फ्री कर दिया। इनकी समस्या का समाधान हमारे स्तर का नहीं था। संदेश का निवारण जेवर टोल पर किया जाता है। इन लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक टोल पर कब्जा किए रखा।