यमुना ब्रिज पर शनिवार सुबह कोयले से लदे मालगाड़ी (झारखंड के भाद्रोदा-बांदीकुई) दो वैगनों में आग लगने से हड़कंप मच गया। फायरब्रिगेड के पहुंचने पर एक और मालगाड़ी पहले से खड़ी मिली। इसके कुछ वैगन हटाकर आग को बुझाया गया। इस दौरान 10:20 बजे से 11:5 बजे तक ओएचई को बंद कर दिया गया।
झारखंड के भाद्रोदा से बांदीकुई जा रही मालगाड़ी एमजेपीजे यमुना ब्रिज की लाइन नंबर छह पर शुक्रवार को पहुंची। लाइन क्लीयर न होने पर गाड़ी को ग्रीन सिग्नल नहीं मिला। माना जा रहा है कि गाड़ी चलने से हुए घर्षण के बाद कोयला सुलग उठा था। सुबह तक उनमें आग लग गई। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को सुबह 9.10 बजे इंजन से सातवें वैगन सीईसीआर 22141135762 और आठवें वैगन सीईसीआर 22141241241 में धुआं उठता दिखाई दिया। इसकी सूचना पर स्टेशन स्टाफ ने फायरब्रिगेड को बुलाकर ओएचई को बंद कर दिया। 9:40 बजे फायरब्रिगेड पहुंची तो कोयले से लदी एक और मालगाड़ी खड़ी मिली। दूसरी मालगाड़ी के तीन वैगन को हटाया गया। इसके बाद आग को बुझाया गया।
आग का कारण डायनामाइट
मालगाड़ियों में कोयला सीधे खदानों से ही लोड किया आता है। खदानों को तोड़ने के लिए डायनामाइट का उपयोग किया जाता है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो कभी-कभी यह मालगाड़ियों में लदे चले आते हैं। घर्षण के बाद आग फैल जाती है।
40 मिनट का लिया ब्लाक
वैसे तो मालगाड़ी में आग यार्ड की लाइन नंबर छह में लगी थी। लेकिन रेलवे ने एहतियातन ब्लाक ले लिया। ताकि कोई दूसरी घटना न हो जाए। हालांकि सुबह ट्रैफिक अधिक न होने से ट्रेनें प्रभावित नहीं हुईं। सिर्फ इटवा से आगरा फोर्ट आ रही शटल को ही 40 मिनट तक रुकी रही।