तनाव में रहने, अव्यवस्थित जीवनशैली व खानपान से लोग बवासीर (पाइल्स) के रोगी बन रहे हैं। बीमारी का पता चलने पर भी लोग डॉक्टर को दिखाने में संकोच करते हैं। शुरुआती स्तर पर इसे छिपाते हैं। बाद में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। असहनीय दर्द और रक्तस्राव होने पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं।
एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि बवासीर आम बीमारी हो चुकी है। संस्था के पास उपलब्ध आंकड़े कहते हैं कि 50 वर्ष या अधिक की उम्र का हर दूसरा व्यक्ति बवासीर का शिकार हो रहा है। 75 फीसदी लोगों को कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि बवासीर जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। हमारी जीवनशैली अव्यवस्थित हो रही है। भागमभाग की जिंदगी में न खाने के लिए समय है और न सोने के लिए। यही बीमारी का प्रमुख कारण है। साथ ही अत्यधिक तनाव, फास्ट फूड का सेवन करने से कब्ज की समस्या होती है। पानी कम पीने से भी समस्या होती है।