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विश्व पृथ्वी दिवस: धरती मां की सेहत का रखो ख्याल, तभी होगा संसार खुशहाल

Mon, 22 Apr 2019 11:40 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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विश्व पृथ्वी दिवस
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आज विश्व पृथ्वी दिवस है, लेकिन धरती को संवारने के लिए जिस हरियाली की जरूरत है, वो ताज ट्रिपेजियम जोन में लगातार कम हो रही है। लोग धरती माता के महत्व को भूलते जा रहे हैं। जब पूरी धरती हरी भरी होगी, तभी पूरा संसार स्वस्थ और खुशहाल होगा।  
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वन विभाग समेत सरकारी विभागों के कागजी दावे छोड़ दें तो हरियाली कम हुई है। आगरा में एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, नेशनल हाइवे, बिजली हाईटेंशन लाइन, गंगाजल पाइप लाइन समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। धरती की सेहत के लिए यह खतरनाक है।

ताज ट्रिपेजियम जोन में ताजमहल के पास हरियाली कवर बढ़ाने के दावे जरूर किए गए, लेकिन उम्मीद के मुताबिक हरियाली बढ़ी नहीं है। 2001 में ओपन फोरेस्ट 145 वर्ग किमी था, जबकि मध्यम घनत्व वाले वन 112 वर्ग किमी थे, लेकिन वर्ष 2017 में ये मध्यम घनत्व वाले वन कुल 63 वर्ग किमी ही रह गये। 
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इन पौधों को रोपने की है जरूरत

आगरा के मध्यम घनत्व वाले वन ओपन फोरेस्ट में बदल रहे हैं। शहर में माल रोड समेत प्रमुख सड़कों पर पेड़ काटकर चौड़ा किया गया, लेकिन नए पौधे नहीं लगाए गए। यही हाल नेशनल हाइवे का किया गया। सिक्सलेन के कारण हजारों पेड़ काटे गए, लेकिन दो साल में भी पौधे रोपे नहीं गए। 

वन विभाग को ब्रज की देसी प्रजातियों कदम्ब, तमाल, रेमजा, कैथ, पलाश, बहेडा़, हर्र, धौ, देसी बबूल, अंकोल, दतरंगा, कुमठा, बेल, हिंगोट, पीलू, खिरनी, दूधी, छोंकर, सहजन, बेर लगाने की जरूरत है। आगरा में बाईंपुर, गैलाना और ताज नेचर वॉक तीनों ही वन ब्लॉक बबूल के हैं। यहां तक कि कीठम में भी बबूल ही ज्यादा है। 
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नदियों किनारे अवैध कटान से खतरे में चिड़िया

बाह में यमुना, उटंगन और चंबल के बीहड़ से पेड़ों के अंधाधुंध कटान से हरियाली का दायरा सिमट रहा है। चंबल में पेड़ों की कटान से यहां बसर करने वाली विभिन्न प्रजातियों की चिड़ियों के लिए घरौंदों का संकट पैदा हो गया है। 

लकड़ी की अवैध कटान से यमुना और उटंगन का बीहड़ भी अछूता नहीं रह गया है। यहां से पेड़ काटकर उसकी लकड़ी फिरोजाबाद के कारखानों के अलावा मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, राजस्थान के धौलपुर और बाह, इटावा, शिकोहाबाद क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर खपाई जा रही है। 

साहित्यकार एवं पर्यावरण प्रेमी डॉ वीपी मिश्र ने पेड़ न काटने और पौधे रोपे जाने का आह्वान किया है। बाह के रेंजर अमित सिसौदिया ने बताया कि लोगों को पौधे रोपने की शपथ दिलाई जाएगी। लगातार पेड़ों की सुरक्षा के लिए टीम गश्त करती रहती है। कहा कि जागरूकता से ही पर्यावरण की सुरक्षा संभव है। हरियाली का दायरा बढ़ने से ही पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति सुधारी जा सकती है। 
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