बिजली मीटर में गड़बड़ी है, रीडिंग ज्यादा आ रही हैं जबकि लोड कम है...बिल गलत पते पर आ रहा है, भुगतान कैसे करें... ऐसी शिकायतें भी अब जिला उपभोक्ता फोरम में आ रही हैं। लोग जागरूक हुए हैं। दूसरे नंबर पर बीमा के मामले हैं।
सौ फुटा रोड, टेढ़ी बगिया निवासी पद्म सिंह ने 2010 में दो लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। उन्होंने पांच साल पॉलिसी चलाई। 2015 में पद्म सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक की पत्नी सरोज सिंह ने पालिसी का दावा किया। मगर, एलआईसी ने क्लेम नहीं दिया। निगम ने पालिसी के पुनर्चलन होेने की बात कही। सरोज सिंह ने उपभोक्ता फोरम में वाद दर्ज कराया।
फोरम ने एलआईसी को दो लाख रुपये बॉनस सहित अदा करने के आदेश किए। मगर, एलआईसी की ओर से राज्य उपभोक्ता परिषद में अपील की गई। यह मामला अब अपील में है। अब तक आदेश नहीं हुआ है।
गुलाब नगर, फाउंड्री नगर निवासी रमेश चंद्र दुबे के घर टोरंट ने बिल भेजे थे। इसमें अशोक कुमार जैन का नाम था। रमेश चंद्र के मुताबिक, उन्होंने अशोक कुमार जैन के नाम के व्यक्ति को कभी किराये पर नहीं रखा। वह उसे जानते तक नहीं है। इसके बावजूद टोरंट की ओर से बिल भेजे जा रहे थे।
रमेश चंद्र ने टोरंट में शिकायत की, लेकिन कर्मचारियों ने बिल भरने के लिए बोल दिया। इस पर रमेश चंद्र ने फोरम में शिकायत की। 14 मई 2019 को फोरम ने टोरंट को आदेश दिया कि वह बिल अशोक कुमार नाम के व्यक्ति के पते पर भेजे और उसी से बिल की रकम ले।
सादे कागज पर सीधे भी की जा सकती है शिकायत
आपके साथ घटतौली हुई हो, प्रिंट रेट से ज्यादा पैसा वसूला हो, कपड़ा घोषित साइज से छोटा निकला हो, बीमा की रकम न मिल रही हो, बिजली का बिल गलत आ रहा हो, दूधिया दूध कम तौल रहा हो जैसे मामले में आप उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकते हैं।
इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप वकील की मदद लें। आप चाहें तो सादे कागज पर सीधे शिकायत कर सकते हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता वसंत कुमार गुप्ता ने बताया कि इसका प्रावधान है।
शिकायत के लिए उपभोक्ता होने का प्रमाण होना जरूरी
उपभोक्ता फोरम में शिकायत के लिए सबसे जरूरी है कि शिकायतकर्ता के पास उपभोक्ता होने का प्रमाण हो। जैसे कोई सामान खरीदा है, तो उसका बिल हो। दूसरा, उसने जो शिकायत की है, उसका भी साक्ष्य हो। शिकायत स्पष्ट होनी चाहिए। सामान कब, किससे, कितना खरीदा आदि।