अधिकारियों ने किसानों से एक जुलाई तक काम चालू रखने की मोहलत मांगी। इसके बाद टाउनशिप का निर्माण कार्य शुरू हो गया। हालांकि, किसानों ने धरना खत्म नहीं किया और कहा कि लंबित आपत्तियों का निस्तारण व उचित मुआवजा और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
आगरा विकास प्राधिकरण की ग्रेटर आगरा टाउनशिप का काम शनिवार को प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद दोबारा शुरू हो गया। हालांकि, रहनकलां और रायपुर क्षेत्र के किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने साफ कहा कि जब तक मुआवजे समेत अन्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मांगों को लेकर शुक्रवार को किसानों ने टाउनशिप का काम रुकवा दिया था।
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले मनोहरपुर के पास चल रहे धरने में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। धरने का नेतृत्व कर रहे भाकियू टिकैत के युवा विंग के मंडल अध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि एत्मादपुर के एसडीएम किसानों पर दबाव बनाकर कार्य कराना चाहते हैं। शनिवार को प्रशासन के साथ किसानों की वार्ता हुई।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के सचिव संजय कुमार सिंह ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गांव मनोहरपुर में 2 जुलाई को कैंप लगाकर किसानों की समस्याओं को हल किया जाएगा। उन्होंने किसानों से एक जुलाई तक काम चालू रखने की मोहलत मांगी। इसके बाद टाउनशिप का निर्माण कार्य शुरू हो गया। हालांकि, किसानों ने धरना खत्म नहीं किया और कहा कि लंबित आपत्तियों का निस्तारण व उचित मुआवजा और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा टाउनशिप प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। धरने में किसान नेता मनोज शर्मा, श्याम सिंह, नत्थू सिंह ठाकुर, अमर सिंह, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।
ग्रेटर आगरा में विकसित होंगी 10 टाउनशिप
परियोजना के प्रथम चरण में रहनकलां और रायपुर क्षेत्र की 449.65 हेक्टेयर भूमि पर करीब 5,142 करोड़ रुपये की लागत से 10 आधुनिक टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। इनमें सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम शामिल हैं। योजना के तहत करीब 4,700 आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे और भविष्य में लगभग 1.50 लाख लोगों के बसने की संभावना है।