आगरा। ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया लागू करने के विरोध में बुधवार को जिले की छह तहसीलों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडर्स की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। न्यायिक और निबंधन कार्य के पूर्ण बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल से तहसीलों में सभी काम ठप हो गए हैं।
सदर तहसील बार एसोसिएशन ने निबंधन भवन के गेट के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन किया। सदर तहसील परिसर में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू नाथ वर्मा की अध्यक्षता में हड़ताल सभा में अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति बनाई गई। महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि आक्रोशित अधिवक्ता बृहस्पतिवार को निबंधन मंत्री के विरोध की यात्रा निकालेंगे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 2027 के चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
एक स्वर में वकीलों, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडर्स और तहसील सहायकों ने 4 जून के ई-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आदेश पर रोष व्यक्त किया गया। हड़ताल से तहसील में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बार एसोसिएशन और दस्तावेज लेखक संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, सभी साथी न्यायिक और निबंधन कार्य से विरत रहेंगे। खरीदार और विक्रेता रजिस्ट्री नहीं होने से परेशान रहे। विवाह व अन्य दस्तावेज पंजीकरण भी नहीं हुए। विभाग को तीन दिन में करीब छह करोड़ के राजस्व के नुकसान का अनुमान है।
हड़ताल सभा में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, महासचिव आशू यादव, मुख्य संरक्षक रामकुमार रावत (एडवोकेट), लाल बहादुर राजपूत, राजीव उपाध्याय, मुकेश गुप्ता, विमल तिवारी, दिव्यांश पांडेय, विजय शर्मा, विकास पाराशर, महेंद्र सिंह, बृजेश शर्मा, राहुल कुमार, विष्णु गौड़, परमेंद्र त्यागी, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।