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SIR in UP: एसआईआर में पुरुषों से ज्यादा कट गए महिलाओं के नाम, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता; देखें पूरा चार्ट

Mon, 13 Apr 2026 11:18 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद महिलाओं के नाम पुरुषों से ज्यादा कटने का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। करीब 19% गिरावट के साथ नारी मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज हुई, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
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महिला वोटर - फोटो : फोटो:भूपिंदर सिंह
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विस्तार
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जनपद में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और शुद्धिकरण अभियान के बाद एक चौंकाने वाला रुझान सामने आया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों से पता चला कि सूची से महिलाओं के नाम ज्यादा कटे हैं। पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में 19 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है। बाह और फतेहाबाद में इसका ज्यादा असर दिखा है।
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आंकड़ों के अनुसार 27 अक्तूबर, 2025 को जिले में महिला मतदाताओं की कुल संख्या 16,55,353 थी। अब जारी सूची में यह घटकर 13,37,166 रह गई है। पिछले छह महीनों में महिला मतदाताओं की संख्या में 3,18,187 की कमी आई है, जो 19.22 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इसके उलट इसी अवधि में पुरुष मतदाताओं की संख्या 19,44,591 से घटकर 16,25,170 हुई। पुरुषों की संख्या में 16.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। स्पष्ट है कि प्रतिशत के मामले में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में लगभग 2.79 प्रतिशत घटी है।
 

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा असर
विधानसभावार आंकड़ों को देखें तो ग्रामीण अंचलों में यह गिरावट और भी गहरी है। बाह विधानसभा में महिलाओं की संख्या में 17.06 प्रतिशत और फतेहाबाद में 12.92 प्रतिशत की कमी आई है। शहरी क्षेत्र आगरा छावनी में महिलाओं की संख्या में सबसे अधिक 31.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

 

गिरावट का तुलनात्मक चार्ट (अक्तूबर 2025 बनाम अप्रैल 2026)
महिला मतदाता गिरावट : 19.22 प्रतिशत
पुरुष मतदाता गिरावट : 16.43 प्रतिशत
कुल मतदाता गिरावट : 17.71 प्रतिशत
 
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शुद्धिकरण बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया में महिलाओं के नाम अधिक कटने का एक बड़ा कारण विवाह के बाद उनका स्थानांतरण होना भी हो सकता है। हालांकि, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 99,454 नई महिला मतदाता भी जुड़ी हैं लेकिन यह संख्या कटने वाले नामों की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं रही। अब 13.37 लाख महिला मतदाताओं के साथ आगरा की चुनावी बिसात नए सिरे से बिछ चुकी है।
 
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