मैनपुरी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके की महिला और पुरुषों में नसबंदी को लेकर तमाम भ्रंतियां हैं। इसका नतीजा है कि महिलाएं गर्भनिरोधक इंजेक्शन पर ज्यादा भरोसा कर रही है। 2024-25 के वार्षिक लक्ष्य 1282 के सापेक्ष 553 महिलाओं और 21 के सापेक्ष महज 5 पुरुषों ने ही नसबंदी कराई है। इधर, 9182 महिलाओं ने गर्भनिरोधक इंजेक्शन लगवाए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। विभागीय योजनाओं के क्रियांवयन की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। डीएम ने आदेश दिया है कि नसबंदी के प्रति दंपतियों में जागरूकता लाई जाए। डीएम ने समीक्षा में पाया कि प्रसूताओं को 48 घंटे के भीतर जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने का प्रावधान है। मगर, जिला महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली में लापरवाही बरती जा रही है। आशा, संगिनी के भुगतान की प्रगति भी ठीक नहीं है। संस्थागत प्रसव में स्वास्थ्य केंद्र कुचेला, करहल, बेवर की प्रगति ठीक नहीं है। ई-संजीवनी ओपीडी में कमी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।