वह न तो बोल सकती हैं और न ही सुन सकती हैं लेकिन उनके हौसलों की गूंज हर ओर सुनाई देती है। कमला नगर निवासी रुचि जैन, मूक बधिर होने के बावजूद अपने हुनर से न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार का रास्ता दिखा रही हैं।
रुचि जैन सुन और बोल नहीं सकतीं, लेकिन उनकी लगन और मेहनत ने इस कमी को कभी उनकी हिम्मत के आड़े नहीं आने दिया। उन्हें सिलाई का काम बेहद पसंद है और इसी हुनर को उन्होंने अपनी पहचान बना लिया। उनके बनाए हैंडीक्राफ्ट आइटम को लोग काफी पसंद करते हैं। बेटे अर्चित जैन ने बताया कि उनकी मां ने वर्ष 2012 में इस काम की शुरुआत की थी। समय के साथ उन्होंने अपने हुनर को निखारा और शहर में लगने वाले कई मेलों में अपने स्टॉल भी लगाए, जहां उनके बनाए सामान को अच्छा रिस्पांस मिला।
इसके बाद घर पर ही एक छोटा-सा सेटअप तैयार कराया गया। यहीं से रुचि जैन ने सिलाई का काम शुरू किया और धीरे-धीरे इसे आगे बढ़ाया। काम चल निकला तो उन्होंने अन्य महिलाओं को भी सक्षम बनाने का निर्णय लिया। वह अपने घर पर ही महिलाओं को निशुल्क सिलाई का प्रशिक्षण दे रही हैं। पति अंजुल जैन उनका सहयोग करते हैं, जबकि छोटा बेटा अंबुज जैन नौकरी कर रहा है। परिवार का सहयोग और मजबूत इरादों की बदौलत वह लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।