आगरा में नगर निगम के वाहन हादसों का सबब बन रहे हैं। राम नगर पुलिया पर कूड़ा लेकर जा रहे निगम के डंपर की चपेट में आने से सराफ की पत्नी घायल हो गईं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर, सड़क से डंपर सड़क से न हटने पर जाम लग गया। इसके बाद लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मगर, पीड़ित परिजनों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने भी उसे थाने से छोड़ दिया।
केदार नगर, शाहगंज निवासी शैलेंद्र वर्मा की सोने चांदी के जेवरात की दुकान है। उनकी पत्नी दीपा गुरुवार सुबह जीवनी मंडी स्थित खाटू श्यामजी के मंदिर दर्शन के लिए गई थीं। दोपहर 12:30 बजे एक्टिवा से घर लौट रहीं थीं। रामनगर पुलिया चौराहे पर आईं थी कि पीछे से आते नगर निगम के डंपर ने एक्टिवा में टक्कर मारी। दीपा ने बचने की कोशिश की, लेकिन डंपर का पहिया उनके एक पैर पर चढ़ गया। वह गिर पड़ीं।
हादसे के बाद डंपर को छोड़कर चालक भाग निकला। लोगों ने उसका पीछा किया। कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। उसकी पिटाई लगाई। सूचना पर थाना शाहगंज पुलिस आ गई। दीपा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चालक को पुलिस थाने ले आई। बाद में परिजन भी आ गए। दो घंटे तक डंपर सड़क से नहीं हटाया जा सका। इस कारण मार्ग पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने डंपर को हटाकर जाम खुलवाया। इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि चालक रोहित को पकड़ लिया था। मगर, घायल महिला के पति ने लिखकर दिया है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इस पर चालक को छोड़ दिया गया।
छात्रा की हुई थी मौत
नगर निगम के डंपर से पहला हादसा नहीं हुआ। पिछले माह सेंट पैट्रिक्स स्कूल की कक्षा 11 वीं की छात्रा गार्गी शर्मा को स्कूल के बाहर ही नगर निगम के डंपर ने अपनी चपेट में ले लिया था। मथुरा के अस्पताल में दसवें दिन उसकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने इन वाहनों के स्कूल समय में प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। मगर, कुछ नहीं हुआ। चालक अनियंत्रित तरीके से वाहन चलाते हैं, जिस वजह से हादसे होते हैं।