ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने कहा कि हर वर्ष रक्षाबंधन से पहले भारत के कई शहरों के साथ ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा, लंदन के साथ खाड़ी देशों से राखियां आती हैं। इस साल भी हजारों राखियां मंदिर कार्यालय में पहुंची हैं। इन राखियों को 11 अगस्त रक्षाबंधन वाले दिन ठाकुर बांकेबिहारी जी के श्री चरणों में रखा जाएगा।
राखी के साथ भेजा रेनकोट
महाराष्ट्र के पुणे से राखी के साथ रोली, चावल, कलावा के अलावा दो रेनकोट भी भेजे गए हैं। इस पैकेट में बहन ने पत्र भी भेजा है। शुक्रवार को मंदिर के कर्मचारियों ने जब पैकेट खोलकर देखा तो उसमें रेनकोट रखा पाया।
मंदिर के कर्मचारी दिनेश ने राखी के साथ आए पत्र को जब पढ़ा तो उसके लिखा था कि सपने में मैंने देखा कि बिहारीजी और राधारानी निधिवन में रास कर रहे हैं। उसी दौरान बारिश हो जाती है, जिसमें दोनों भींग गए। निधिवन जाते और रास रचाते समय ठाकुरजी और राधारानी बरसात में न भीगें, इसलिए रेनकोट भेज रही हूं।