कासगंज। दो और चार पहिया वाहनों को दौड़ाने में महिलाएं पुरुषों से से आगे नजर आती है लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में पीछे रह जाती है। वर्ष 2024 में पुरुषों के मुकाबले 8 फीसदी से भी कम महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए है। संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से लाइसेंस को लेकर कोई अभियान नहीं चलाया जाता है। वर्ष 2024 में 8209 पुरुषों और 266 महिलाओं ने ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर महिलाएं गंभीर नहीं है। जबकि मार्गों में महिलाएं दो व चार पहिया वाहन दौड़ाती नजर आती है। शासन की तरफ से हर माह के पहले व तीसरे शनिवार को आरटीओ कार्यालय में लाइसेंस के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद भी बहुत कम आवेदन आ रहे है। आरटीओ की तरफ से ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर अभियान कम चलाया जाता है। इस वजह से लाइसेंस न होने का भय भी नहीं है। उसी का नतीजा है कि महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन कम कर रही है।