कासगंज। जिले में परिवारों की खुद की पहचान, फैमिली आईडी बनाने का काम धीमी गति से चल रहा है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे, जागरूकता के अभाव में परिवारों को भी जानकारी नहीं है। एक साल में सिर्फ 13 फीसदी परिवारों की आईडी ही बन सकी है। शासन से एक साल पहले एक परिवार-एक पहचान के तहत ऐसे परिवार जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित नहीं हैं एवं जो परिवार राशन कार्ड के पात्र नहीं हैं, उनके लिए फैमिली आईडी उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था की गई है। समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग महिला कल्याण विभाग से पेंशन योजनाओं तथा कृषि विभाग से सम्मान निधि लेने वाले 45680 परिवारों की फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन अभी तक इन विभागों की योजनाओं का लाभ ले रहे 5968 परिवारों की ही अभी तक आईडी बनी है। इसमें सबसे खराब स्थिति कृषि विभाग से सम्मान निधि लेने वाले परिवारों की है। इस विभाग से जुडे 8.84 प्रतिशत किसानों ने ही अपनी आईडी बनवाई है। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले परिवारों की भी फैमिली आईडी बनवाने की स्थिति भी अच्छी नहीं हैं। इस विभाग से लाभ ले रहे 13.08 प्रतिशत लोगों ने ही अपनी फैमिली आईडी बनवा रखी है।