मैनपुरी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के नियुक्ति के 44 साल में भी मांगें अधूरी हैं। उन्हें आज तक राज्य कर्मचारी का दर्जा तक नहीं दिया गया। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को उपवास रखकर आंदोलन किया। पालिका के शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मांगे पूरी करने की।
प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 44 साल से प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें राज्यकर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाल विकास योजना के तहत सारी जिम्मेदारी निभा रही हैं। जब काम सरकारी है। मानदेय भी सरकार देती है तो फिर वेतन देने में क्या दिक्कत आ रही है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश भर में कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं। यह सरकार को चेतावनी दी है। सरकार शीघ्र उनकी मांगों को पूरा करे नहीं तो अभी एक दिन का उपवास है फिर बेमियादी आंदोलन का निर्णय लेना संगठन की मजबूरी होगी।
इस अवसर पर रिचा दुबे, शुक्ला देवी, मंजू चौहान, सुषमा देवी, मीरा यादव, शशीकिरन, रिहाना, शाहीन बेगम, अल्का यादव, मंजू चौहान, हेमलता, वंदना यादव, शालिनी चौहान, सीमा यादव, नीतू, अरुणा बैस, ऊषा दीक्षित, सुनीता यादव आदि मौजूद रहे।