काउंसलर के सामने पत्नी ने कहा कि पति टॉयलेट बनवाए, तब ही घर जाऊंगी। काउंसलर ने समझाया कि तीसरी मंजिल से भूतल पर आने में परेशानी की बात सही है। इसलिए टॉयलेट बनवाएं। काउंसलर के समझाने पर पति मान गया। उसने दो महीने का समय मांगा है।
इस पर पत्नी उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गई। दोनों साथ चले गए। केंद्र प्रभारी कमर सुल्ताना का कहना था कि तीसरी मंजिल पर टॉयलेट नहीं होने की वजह से महिला को परेशानी हो रही थी। पति छत पर टॉयलेट बनवाने के लिए राजी हो गया। इस पर दोनों साथ चले गए।
चार दंपती हुए एक साथ
केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि रविवार को काउंसिलिंग के लिए दस जोड़े ही उपस्थित हुए, जबकि 37 जोड़ों में एक पक्ष आया। काउंसिलिंग के बाद चार में सुलह कराई गई। 22 मामलों में एक पक्ष ने फाइल निस्तारित करा दी। तीन केस में मुकदमे दर्ज कराने के लिए संस्तुति की गई है।