तमिलनाडु एक्सप्रेस में सफर के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 57 वर्षीय महिला की सांसें रेलवे की मदद के इंतजार में धीमी पड़ गईं। सहायता मांगने के डेढ़ घंटे बाद आगरा कैंट स्टेशन पर उन्हें उतारा गया और एंबुलेंस से एसएस मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान आधे घंटे में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने रेलवे की आधुनिक सेवाओं और रेल मदद एप के दावों की भी पोल खोल दी।
केरल की रहने वाली तिलकम रविवार रात अपने पति गोविंद राज के साथ तमिलनाडु एक्सप्रेस (12622) से नई दिल्ली से चेन्नई जा रही थीं। वह कोच एसबी-5 की सीट संख्या 65 पर यात्रा कर रही थीं। रात करीब नौ बजे ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चली। यात्रा के दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई और पसीना आने लगा। रात 10:21 बजे पति ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर काॅल कर मदद मांगी लेकिन तत्काल चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी।
डेढ़ घंटे बाद ट्रेन 11:51 बजे आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची, जहां रेलवे अस्पताल के डॉ. रवि कसाना ने प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद महिला को 12:25 बजे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां रात 12:47 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। जीआरपी ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया। जीआरपी आगरा कैंट के इंस्पेक्टर संदीप तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से माैत की पुष्टि हुई है।
बीच में नहीं था कोई स्टाॅप
नई दिल्ली से चलने के बाद आगरा कैंट तक बीच में तमिलनाडु एक्सप्रेस का कोई स्टाॅप नहीं था। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ट्रेन को बीच में रोका जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया और महिला की जान चली गई।
मथुरा स्टेशन पर की थी मदद की पेशकश
महिला की तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद मथुरा स्टेशन पर चिकित्सकीय मदद की पेशकश की गई थी। परिजन ने आगरा में इलाज कराने की बात कही। इसके बाद आगरा कैंट स्टेशन पर मेडिकल टीम की व्यवस्था कराई गई थी। प्राथमिकी उपचार के बाद महिला को एसएन में भर्ती कराया गया था। इलाज के दाैरान माैत हो गई। हमारी ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई। -संजय कुमार गाैतम, जनसंपर्क अधिकारी, आगरा रेल मंडल