जाटनी का बाग स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में रहने वालीं सराफ राधेश्याम गुप्ता की पत्नी ऊषा गुप्ता की हत्या का शक किसी परिचित पर है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि उनके फ्लैट पर कुछ लोगों की नजर थी। पूरे रुपये देने के बाद भी फ्लैट की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं हुई थी। करीब दो साल पहले उनके घर से जेवरात भी चोरी हुए थे। इस मामले में एक जानकार महिला से विवाद भी हुआ था। अब पुलिस इन पहलुओं पर अपनी विवेचना आगे बढ़ा रही है। फ्लैट में उनका मोबाइल भी नहीं मिला है।
फ्लैट में अकेले रहती थीं ऊषा गुप्ता
जाटनी का बाग निवासी राधेश्याम गुप्ता सराफ थे। उनकी किनारी बाजार में दुकान थी। चार साल पहले बीमारी के चलते उनकी मृत्यु हो गई थी। पत्नी ऊषा गुप्ता फ्लैट नंबर 203 में अकेली ही रहती थीं। उनकी फ्लैट में हत्या करके बाहर से ताला लगा दिया गया था। उनका चार दिन से फोन नहीं लगने पर मंगलवार को फिरोजाबाद से भाई सुनील कुमार गुप्ता, भाभी मीरा गुप्ता, बहन सुनीता, बहनोई रामकुमार आए थे। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ताला खोला था। कमरे में बेड पर ऊषा गुप्ता की लाश मिली थी। उनके मुंह से खून निकल रहा था। सिर पर कंबल बंधा हुआ था। कमरे में अलमारी खुली पड़ी थीं। बहन की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।