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UP: 'आत्महत्या करती हूं तो पुलिस..', थाने में महिला ने बनाया वीडियो; पति से विवाद में सुनवाई नहीं करने का आरोप

Mon, 05 Jan 2026 10:29 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

पति से विवाद के मामले में सुनवाई नहीं होने से परेशान महिला ने थाने में खड़े होकर वीडियो बनाया। कहा कि वह आत्महत्या करती है तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। पुलिस उसकी कोई मदद नहीं कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना बासौनी में रविवार को एक महिला ने वीडियो बनाया। इसे सोशल मीडिया पर भी डाल दिया। इसमें महिला ने कहा कि यदि वह आत्महत्या करती है तो बासौनी पुलिस जिम्मेदार होगी। उसे परेशान किया जा रहा है। अपने हक की लड़ाई लड़ रही हूं। पति साथ नहीं रख रहा। पति को कानून ने जेल भेजा है, पुलिस हेल्प नहीं कर रही। उससे अभद्रता की जा रही है।
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बासाैनी की रहने वाली कमलेश गहलोत का गांव बड़ोस निवासी पति राम सेवक से विवाद चल रहा है। 13 साल से दोनों में विवाद चल रहा है। कोर्ट में तलाक का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में 23 जनवरी को सुनवाई होनी है। 20 दिसंबर को कमलेश ने 112 पर काल किया था। कहा था कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण पिनाहट घाट पर जान देने जा रही है। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस समझाकर ले आई। रविवार को पति-पत्नी को पुलिस ने थाना बासाैनी बुलाया था। 

पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की। पति ने पत्नी को साथ रखने से इंकार कर दिया। इस पर महिला ने वीडियो बनाया। एसओ बासौनी सतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पति-पत्नी को समस्या सुनने एवं उसके समाधान के लिए बुलाया था। मगर बात नहीं बन सकी। एसीपी पिनाहट गिरीश कुमार पति-पत्नी का विवाद चल रहा है। दोनों को समझाया गया है। महिला ने फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं की है। अगर, तहरीर देंगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। एक बार फिर पीड़िता को बुलाकर काउंसिलिंग की जाएगी। मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा जाएगा। महिला ने वीडियो बनाकर वायरल किया गया है।
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मेरी सुनवाई नहीं की जा रही है
महिला ने एक मिनट आठ सेकंड का वीडियो बनाया है। इसमें वो कह रही हैं कि मैं थाना बासौनी में खड़ी हूं। एसओ ने फोन करके बुलाया है। पति थाने में आ गए हैं। उन्हें बैठाया जा रहा है। मैं खुले में खड़ी हुई हूं। मेरी सुनवाई नहीं की जा रही है। अगर मैं मजबूरन होकर आत्महत्या करती हूं तो बासौनी पुलिस जिम्मेदार होगी। मुझे बहुत परेशान किया है। उल्टा भी बोला जा रहा है। इंस्पेक्टर साहब बोल रहे हैं कि तुमने अपने पति को जेल भेज दिया है। तो तुम्हारा घर कैसे बसा देंगे। मैंने पति को जेल नहीं भेजा है। पति को जेल कानून ने भेजा है। मैं अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहीं हूं। मैं अपने हक के लिए गई थी। मगर नहीं रख रहे हैं। पुलिस लेकर गई। मैं अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रही हूं। पुलिस मझे उल्टा धमकी दे रही है। मेरे से पुलिस अभद्रता कर रही है। उल्टा सीधा बोला जा रहा है।
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