परिजनों ने पुलिस को नहीं दी सूचना
मायके वालों ने रेनू की मौत पर आशंका जाहिर भी की, लेकिन क्षेत्रीय लोगों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थानाध्यक्ष दक्षिण राजेश पांडेय का कहना है कि महिला की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन परिजनों ने कोई खबर नहीं दी। यदि परिजन सूचना देते तो शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच की जाती।
गली बोहरान श्याम गली में बंदरों के हमले से हुई रेनू की मौत के बाद लोगों में आक्रोश है। बता दें कि नई बस्ती निवासी आशीष अग्रवाल जैन की मौत के बाद चंद दिनों तक अभियान चला। इसके बाद बंद कर दिया गया। बंदरों को पकड़वाने के लिए न तो नगर निगम के अफसर ध्यान दे रहे और न ही जिला प्रशासन। जिसको लेकर बंदरों का आंतक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है।
दुर्गानगर के मोहित गर्ग, ओमनगर निवासी राकेश जैन और जैननगर निवासी मनीष अग्रवाल का कहना है कि आशीष अग्रवाल की मौत के बंदर पकड़वाने के लिए नगर निगम द्वारा दो तीन दिन ही अभियान चलाया गया। इसके बाद बंद कर दिया गया। बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।