आगरा के शमसाबाद के गांव धिमश्री में श्मशान घाट पर टिनशेड न होने और लगातार हो रही बारिश की वजह से चिता की आग बुझ गई। बुधवार को चिता पूरी तरह जल नहीं पाई। नतीजतन, परिजन को दूसरे दिन बृहस्पतिवार को दोबारा मृत महिला का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
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धिमश्री निवासी मनोज मुखिया की पत्नी वीनू का बुधवार को निधन हो गया था। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। तेज बारिश के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। जैसे-तैसे चिता को मुखाग्नि दी गई, तभी मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। चिता अधजली ही रह गई। बृहस्पतिवार को परिजन फूल बीनने के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तो शव अधजला मिला। परिजन ने आनन-फानन में दोबारा सूखी लकड़ियों और कंडों की व्यवस्था करके दोबारा अंतिम संस्कार किया।
तीनों श्मशान घाट में नहीं हैं टिनशेड
किसान नेता रामनिवास रघुवंशी ने बताया कि धिमश्री गांव में तीन श्मशान घाट हैं। किसी में भी बारिश से बचाव के लिए टिनशेड नहीं है। वे पिछले एक साल से श्मशान घाटों पर जनसुविधाएं मुहैया कराने के लिए अधिकारियों को शिकायती पत्र दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन से कोरे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने तहसील प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाटों पर जल्द से जल्द टिनशेड लगवाए जाएं।